इस मामले में घर से ज्यादा महिलाओं को भाता है दफ्तर
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हाल में हुए शोध में महिलाओं की मानसिक स्थिति को लेकर दिलचस्प तथ्य का पता चला है।
पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोध की मानें तो महिलाएं दफ्तर से अधिक घर में तनावग्रस्त होती हैं और दफ्तर के मुकाबले घर का काम को अधिक मुश्किल मानती हैं।
शोध में पाया गया कि महिलाओं को सुबह उठकर घर के कामकाज, भोजन की तैयारी और पारिवारिक जिम्मेदार, दफ्तर के कार्यो की अपेक्षा अधिक कठिन लगते हैं।
दफ्तर में अधिक मिलता है प्रोत्साहन
शोध में यह भी पाया गया कि वे दफ्तर में इसलिए भी अधिक खुश महसूस करती हैं क्योंकि यहां उनके काम को सहकर्मियों व बॉस से प्रोत्साहन मिलता है जबकि घर के कार्यों के लिए उन्हें वह प्रोत्साहन नहीं मिल पाता जिसकी उन्हें उम्मीद होती है।
अमेरिकी शोध में माना गया कि समानता भरी जीवनशैली के बावजूद महिलाओं को घर के कार्यों के बड़े भाग के प्रति जिम्मेदार होना पड़ता है।
स्ट्रेस हार्मोन है आधार
शोध के दौरान 122 महिलाओं और पुरुषों की लार का दिन में तीन बार टेस्ट किया गया और उनकी लार में मौजूद कोर्टिजोल की मात्रा का परीक्षण किया गया है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि दफ्तर की अपेक्षा घर में महिलाओं के शरीर में कोर्टिजोल की मात्रा अधिक होती है।