ये हार्मोन बढ़ाते हैं मोटापा, काबू पाने के लिए अपनाएं ये उपाय
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हमारे शरीर में मौजूद कोई भी हार्मोन जब तय सीमा से कम या ज्यादा हो जाता तो इसे हार्मोन असंतुलन कहा जाता है। और यही हार्मोन असंतुलन मोटापा बढ़ाने जैसी कई बीमारियों को जन्म देता है।
हमारे खानपान से ही हमारे शरीर के हामोन्स बनते हैं और यदि हम अपने खाने में कोई भी चीज एक निश्चित सीमा से ज्यादा खाते हैं जो वह सीधे तौर से हमारे हार्मोन्स बढ़ा देता है।
जो हार्मोन्स हमारे शरीर में मोटापा बढ़ाते हैं वो हैं- लेप्टिन, इंसुलिन और टेस्टोस्टेरोन हैं। अगली स्लाइड में पढ़ें इनके बढ़ने का कारण और नियंत्रण के उपाय।
कम नींद भी है बीमारियों की जड़
मोटापा बढ़ाने वाले हार्मोन्स में एक लेप्टिन भी है। इसे मास्टर हार्मोन भी कहते हैं जो हमारे दिमाग को निर्देश देता है। यह हार्मोन खाना खाते वक्त बनता है।
कई बार लेप्टिन शरीर में ज्यादा मात्रा में होने के कारण दिमाग इसके के निर्देशों को समझ नहीं पाता और फिर शख्स को लगता रहता है कि उसे भूख लगी है और वह लगातार कुछ न कुछ खाता रहता है और इसके परिणाम स्वरूप उसका वजन बढ़ जाता है।
लेकिन लेप्टिन को बढ़ाने के लिए भी कुछ जीजें जिम्मेदार हैं जैसे- फ्रक्टोज का सेवन, नींद पूरी न होना, तनाव में रहना और चीनी और मैदे का ज्यादा सेवन करना। इसको नियंत्रित करने के लिए जरूरी है कि आप पर्याप्त नींद लें और घी, चीनी और डिब्बाबंद चीजों का सेवन कम करें और प्रोटीन वाली चीजें भी पयाप्त मात्रा में खाएं।
लेप्टिन के अलावा भी इंसुलिन और टेस्टोस्टेरोन भी है जिसके असंतुलन से मोटापा बढ़ने का खतरा रहता है।
सेक्स हार्मोन से भी बढ़ सकता है मोटापा
इंसुलिनः यह हार्मोन वसा कोशिकाओं को सिगनल भेज कर यह बताता है कि फैट को स्टोर कर के रखे। अगर आपका शरीर इंसुलिन के सिगनल को समझ नहीं पाएगा तो आपकी बॉडी ज्यादा फैट स्टोर कर के रखेगी जिससे आप मोटे होना शुरु हो जाएंगे।
खाने में अत्यधिक मीठे का सेवन इंसुलिन को बढ़ाता है। शक्कर, मैदा, वाइट ब्रेड आदि में ढेर सारा कार्बोहाइड्रेट होता है जो कि समस्या पैदा करता है। अगर आप अपने आहार में इन सब की मात्रा को कम करेंगे तो मोटापा आपके आस पास नहीं बटकेगा।
टेस्टोस्टेरोन: टेस्टोस्टेरोन, सेक्स हार्मोन है जो कि मासपेशियों की ताकत को बढ़ाता है, मोटापा कम करने, स्पर्म बनाने, सेक्स ड्राइव को सशक्त बनाने और हड्डियों की ताकत को बनाए रखने का काम करता है। अगर टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम हो गया, तो बॉडी का फैट बढे़गा और मूड में चिड़चिड़ापन आएगा।