डायट में 'प्रोटीन' के ये फायदे जान कहीं आप चौंक ना जाएं
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प्रोटीन से मांसपेशियों व इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलती है और हमारे शरीर का 18-20% भार प्रोटीन के कारण ही होता है। यही नहीं, प्रोटीन, हृदय व फेफड़े के ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है।
प्रोटीन शरीर के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए जरूरी है। शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालता है। शरीर का पीएच लेवल बनाए बनाए रखने, मूड ठीक रखने और तनाव कम करने में भी प्रोटीन की भूमिका काफी अहम है।
लेकिन, हाल में इंडियन मार्किट रिसर्च ब्यूरो की एक स्टडी के मुताबिक ज्यादातर लोगों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा जरूरत से काफी कम होती है।
प्रोटीन की कमी से क्या होंगे नुकसान
आहार विशेषज्ञ डॉ. किरण दिवान के मुताबिक 'किसी वयस्क को रोजाना शरीर के प्रति किलोग्राम भार के मुताबिक 1 ग्राम प्रोटीन की ज़रूरत होती है। इससे कम प्रोटीन लेने से रोजमर्रा के कामकाज करने में कठिनाई होती है।
प्रोटीन की कमी के लक्षणों की बात करें, तो कमजोरी और थकावट होना इसके मुख्य लक्षण हैं। प्रोटीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी लोगों के मन में हैं। जैसे- ज्यादा प्रोटीन लेने से वजन बढ़ने लगता है और प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए सामान्य आहार ही काफी है।
अध्ययन रिपोर्ट की मानें, तो प्रोटीन से जुड़े फायदों के बारे में तो लोगों को पता है, लेकिन खानपान में इसकी मात्रा कैसे सुनिश्चित की जाए, इसके बारे में लोगों को सही जानकारी नहीं होती।
कैसा हो खानपान
प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए शाकाहारी लोग दूध, हरी पत्तेदार सब्जियों और दालों इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं। जबकि नॉन वेज खाने वाले लोग अंडे, मछली और चिकन का भी सेवन कर सकते हैं।
बहुत से लोग शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए दवाओं या फिर सप्लिमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, ज्यादा बेहतर होगा कि प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए आप दवाओं के बदले प्राकृतिक स्रोतों का इस्तेमाल करें।
सोयाबीन प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद प्रोटीन शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। दूध, पनीर और दही भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। फलियां, अखरोट आदि का भी भरपूर मात्रा में सेवन कर सकते हैं।
प्रोटीन का महत्व
प्रोटीन हमारे बालों, त्वचा, नाखूनों, मांसपेशियों, हडि्डयों और रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। हमारे शरीर में पाए जाने वाले कई ऎसे रसायनों में भी प्रोटीन पाया जाता है, जिनमें हार्मोन, एंजाइम आदि भी शामिल होते हैं।
प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है। गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली महिलाओं, बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह एक अनिवार्य तत्व है।
बॉडी में इसकी सबसे अधिक उपयोगिता मांसपेशियों के विकास में होती है। यही नहीं, प्रोटीन रिकवरी की दर भी बढ़ाता है। प्रोटीन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
विशेषज्ञ कहते हैं
चिकित्सकों का कहना है कि प्रोटीन की आवश्यकता आपके भार और आपके कैलोरी की मात्रा पर निर्भर करती है। आपकी कुल कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए। अगर आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी का सेवन करते हैं तो उसमें से 600 कैलोरी प्रोटीन से आना चाहिए।