किशोरावस्था में लड़कियों को अधिक है यह खतरा
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हाल में हुए शोध की मानें तो किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के शरीर में होने वाले बदलाव उनके लिए मानसिक रोग की जड़ हो सकते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के शोध की मानें तो किशोरावस्था के दौरान लड़कियों को अवसाद का रिस्क सबसे अधिक होता है।
हार्मोनल बदलाव हैं वजह
शोधकर्ताओं की मानें तो किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण उनके मस्तिष्क में रक्त संचार अधिक प्रभावित होता है इसलिए लड़कों की अपेक्षा किशोरावस्था में लड़कियां अधिक अवसाद में होती हैं।
उनके अनुसार, रक्त संचार बाधित होने से मस्तिष्क का वह हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित होता है जिससे भावनाओं का नियंत्रण संभव हो पाता है।
तो इसलिए महिलाएं अधिक घबराती हैं
शोधकर्ता प्रोफेसर थियोडोर के अनुसार, ''हम पहले भी कुछ शोधों में जान चुके हैं कि महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा अवसाद की दिक्कत अधिक होती है लेकिन किशोरावस्था के दौरान ऐसा क्यों होता है, यह हमने इस शोध में पाया है।''
शोध के दौरान आठ साल से लेकर 22 साल तक की उम्र वाले 922 किशोरों के दिमाग का परीक्षण किया गया है।
शोध के परिणाम प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है।