{"_id":"b99c4c72-d9a5-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"symptoms-of-aging","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं टीवी के आगे सोते तो नहीं! ","category":{"title":"Lifestyle Archives","title_hn":"लाइफस्टाइल आर्काइव","slug":"lifestyle-archives"}}
कहीं टीवी के आगे सोते तो नहीं!
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2013 06:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुछ आदतें और विचार इंसान की उम्र को बयां करते हैं। टीवी के सामने नींद आना भी ऐसी ही आदतों में शुमार किया जाता है। 2000 लोगों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में हमारी ऐसी 40 आदतों के बारे में पता चला है, जो उम्रदराज होने की कहानी कहती हैं।
विज्ञापन
दोस्त के घर में चप्पल पहनकर चले जाना भी इसी में शामिल है। ‘जब मैं यंग था, तब ऐसा नहीं होता था’ जैसे वाक्यों का प्रयोग बूढे़ होने की निशानी है। लाइफ इंश्योरेंस विशेषज्ञ एंगेज म्युचुअल के इस सर्वेक्षण में पाया गया है कि 10 में से 8 लोग मानते हैं कि इंसान की उम्र तो उसकी सोच से जुड़ी है।
विज्ञापन
अगर आप यही सोचते रहें कि आपकी उम्र बढ़ रही है, तो उम्र से पहले आप बूढे़ हो जाएंगे। हालांकि 76 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जो बढ़ती उम्र के बावजूद युवापन को जीना चाहते हैं। यह अलग बात है कि 50 प्रतिशत लोग इस बात से थोड़े चिंतित जरूर नजर आते हैं कि वे बूढे़ हो रहे हैं।
विज्ञापन
यादाश्त कम होना, बीमारी और शारीरिक कमजोरी उन्हें ऐसा सोचने के लिए मजबूर कर देती है। रिसर्च के अनुसार 50 प्रतिशत लोग बुढ़ापे के अकेलेपन से थोड़ा परेशान दिखते हैं, जबकि 10 प्रतिशत लोगों को आर्थिक तंगी का डर रहता है।
वहीं 53 प्रतिशत लोगों के पास पेंशन प्लान्स, 45 प्रतिशत लोगों के पास बचत खाता या रिटायरमेंट फंड जैसी सुविधाएं होती हैं। बूढे़ होने की दूसरी निशानियों में तकनीक के साथ दोस्ती न होना भी गिनाया गया है।