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सिरदर्द कब हो सकता है माइग्रेन, जानें इन लक्षणों से

Tue, 03 Mar 2015 10:58 AM IST
Updated Tue, 03 Mar 2015 10:58 AM IST
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symptoms and treatment of migraine

रोज का सिरदर्द जब हद से गुजरने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह माइग्रेन भी हो सकता है। बेहतर होगा कि माइग्रेन के लक्षणों को समझें और सतर्क रहें।

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माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को रह-रहकर सिरदर्द के बहुत तेज अटैक पड़ते हैं। लोग समझते हैं कि माइग्रेन सिर्फ सिर के आधे हिस्से में होता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
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माइग्रेन आधे, पूरे या सिर के किसी भी भाग में हो सकता है। लगभग चार में से एक महिलाएं और 12 में से एक पुरुष माइग्रेन की समस्या से जूझते हैं। अमेरिका में इस समस्या से लगभग 30 प्रतिशत लोग ग्रस्त हैं, जबकि भारत में इससे कहीं ज्यादा लोग माइग्रेन की समस्या से परेशान हैं।
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माइग्रेन एक प्रकार का दीर्घकालिक सिरदर्द है, जिसमें कई घंटों या कई दिनों तक तेज दर्द रह सकता है। इस दौरान सिरदर्द, जी मिचलाने, उल्टी, कानों का बजना, सुनने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

ऐसे में घातक हो सकता है माइग्रेन

symptoms and treatment of migraine

आमतौर पर दो तरह के माइग्रेन अटैक होते हैं। ऑरा रहित माइग्रेन अटैक (कॉमन माइग्रेन) और दूसरा ऑरा माइग्रेन अटैक (क्लासिक माइग्रेन)। कॉमन माइग्रेन में आमतौर पर सिर के एक हिस्से में हल्का या बहुत तेज दर्द शुरू होकर पूरे सिर में दर्द फैल जाता है।

दर्द चार से 72 घंटे तक रह सकता है। क्लासिक माइग्रेन में दर्द कॉमन माइग्रेन की तरह ही होता है। फर्क बस इतना होता है कि इसमें पीड़ित व्यक्ति को वॉर्निंग साइन (ऑरा के रूप में) सिरदर्द होने से पहले ही नजर आने लगते हैं।

ऑरा यानी चमक कौंधना, काले धब्बे दिखना, चीजें घूमती या हिलती हुई नजर आना, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट, फूड क्रेविंग, बोलने के समय कठिनाई महसूस करना जैसा प्रतीत होगा। ऐसी स्थिति में सिरदर्द शुरू होने से पहले ही दवाई के जरिए इसे रोका जा सकता है।

क्या है मुख्य वजह?

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माइग्रेन की मुख्य वजह क्या है, इसका पता अब तक नहीं चल सका है। आमतौर पर माना जाता है कि मस्तिष्क के कुछ हिस्सों में मौजूद ब्लड वेसल के सिकुड़ने के कारण पहले ऑरा और बाद में माइग्रेन की स्थिति उत्पन्न होती है। लेकिन जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार होती है।

महिलाओं में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने, पीरियड के समय या उससे पहले भी सिरदर्द हो सकता है। इसके अलावा कैफीन का अधिक उपयोग, अल्कोहल का सेवन, तनाव, बेचैनी, पर्याप्त नींद न लेना, अधिक यात्रा करना, मसालेदार भोजन करना, शारीरिक थकावट, संवेदनात्मक उत्तेजना, जैसे- तेज प्रकाश, फोटोफोबिया यानी प्रकाश से परेशान, तेज आवाज से समस्या, धूप से आंख चौंधियाना आदि माइग्रेन के कारण हैं।

हल्का-फुल्का दर्द हो तो डिस्प्रिन लें, लेकिन उपरोक्त लक्षण के साथ भयंकर सिरदर्द हो, तो डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।

रहें अलर्ट
माइग्रेन होने पर योग और ध्यान करें। इससे तनाव कम होगा। लेकिन, जहां भी योग करें वह जगह प्रकाश से चकाचौंध वाली, तेज धूप, तेज गंध वाली नहीं होनी चाहिए। माइग्रेन रोगियों को अच्छी नींद लेनी चाहिए।

इसके अलावा मसालेदार भोजन, जंक और डिब्बाबंद फूड, अल्कोहल, धूम्रपान का सेवन न करें। ताजे फल, प्रोटीनयुक्त डाइट जैसे दूध, दही, पनीर, दाल, मांस और मछली आदि का सेवन करें।

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