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तनाव का भारी नुकसान चुकाता है आपका दिमाग

Thu, 03 Oct 2013 01:46 PM IST
Updated Thu, 03 Oct 2013 01:46 PM IST
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stress can effect your memory

महिलाओं में मध्य वय जीवन के तनाव के चलते भूलने की बीमारी होने का ख़तरा बढ़ रहा है। यह आशंका एक नए शोध में जताई गई है।

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यह शोध स्वीडेन की 800 महिलाओं पर किया गया है जो या तो तलाक़ के बाद रह रही हैं या फिर अपने साथी की मौत के बाद वियोग में हैं।

इन महिलाओं में एक दशक के बाद अल्ज़ाइमर से पीड़ित होने की आशंका जताई गई है।

बीएमजे ओपन की रिपोर्ट के मुताबिक़ ज़्यादा तनाव झेलने वाली महिलाओं में भूलने की बीमारी बढ़ने की आशंका बढ़ती जाती है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक़ तनाव से जुड़े हार्मोन की वजह से दिमाग़ पर विपरीत असर पड़ता है।

क्लिक करें तनाव से जुड़े हार्मोन मानव शरीर पर कई बदलाव डालते हैं और इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड सुगर बढ़ने लगता है।

हादसों का असर
डॉ. लीना जॉनसन और उनके दल के चिकित्सकों का मानना है कि किसी हादसे से गुज़रने के बाद तनाव का स्तर बढ़ता है।

हालांकि इन शोधकर्ताओं के मुताबिक़ अभी इस पहलू पर काफ़ी ज़्यादा काम किए जाने की ज़रूरत है।

इसके अलावा इस पहलू पर भी काम किए जाने की ज़रूरत है कि तनाव और किसी चीज़ के भूल जाने का ये संबंध पुरुषों के लिए भी एकसमान है।

इस अध्ययन में महिलाओं पर कई तरह के प्रयोग किए गए। क़रीब 35 साल से 45 साल की उम्र वाली इन महिलाओं को कई परीक्षणों से गुज़रना पड़ा और अगले चार दशक के दौरान नियमित समय अंतराल पर इन पर कई प्रयोग अभी और किए जाएंगे।

इस अध्ययन के शुरुआत में प्रत्येक चार में से एक महिला ने बताया कि उन्होंने जीवन में कम से कम एक तनाव का दौर मसलन वैध्वय और बेरोज़गारी, झेला है।

प्रत्येक चार में से एक महिला ने बताया कि वे दो बार तनाव के दौर से गुज़री हैं जबकि पांच में से एक महिला ने बताया कि वे तीन बार तनावपूर्ण दौर से गुज़र चुकी हैं। बाक़ी महिलाओं ने कहा कि अबतक उन्हें तनाव का सामना नहीं करना पड़ा है।
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अध्ययन पर सवाल
अध्ययन के दौरान इनमें से 425 महिलाओं की मौत हो गई जबकि 153 महिलाओं को भूलने की बीमारी हो गई।

शोधकर्ताओं ने इन महिलाओं के जीवन में तनाव के पहलू का अध्ययन करने के दौरान पाया कि भूलने की बीमारी का तनाव से संबंध है।

डॉ. जॉनसन ने बताया कि आने वाले दिनों के अध्ययन में यह आंकने की कोशिश होगी कि क्या तनाव सम्भालने के प्रबंधन और व्यवहारगत थेरेपी से भूलने वाली बीमारी का इलाज संभव होगा?
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दूसरी ओर ग्रेट ब्रिटेन के अल्ज़ाइमर रिसर्च सेंटर के डॉ। सिमॉन रेडली ने कहा कि इस अध्ययन से यह पता नहीं चल पा रहा है कि तनाव का भूलने वाली बीमारी से सीधा संबंध है।


रेडली ने कहा, "भूलने वाली बीमारी कई वजहों से होती है। इसका उम्र, जेनेटिक्स और पर्यावरण से संबंध है। मौजूदा सबूतों से यह स्पष्ट है कि भूलने वाली बीमारी को कम करने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए, नियमित अभ्यास करना चाहिए और ध्रूमपान से बचना चाहिए।"

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