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नमक को न कहना सीखो

Tue, 04 Nov 2014 05:45 PM IST
Updated Tue, 04 Nov 2014 05:45 PM IST
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say no to salt
दिल रहेगा सुरक्षित
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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार ज्यादा मात्रा में भोजन में नमक लेना  दिल के लिए बड़ा खतरा है। ज्यादा नमक के सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे न केवल दिल कमजोर हो सकता है, बल्कि हार्टअटैक भी हो सकता है। ऐसे में मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है। दिल से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए सबसे कारगर उपाय है कि हम अपने भोजन में नमक की कम मात्रा का उपयोग करें।

स्ट्रोक से बचाव

आजकल जंकफूड और रेडी टू ईट फूड पर हम ज्यादा निर्भर हैं, जिसमें नमक की मात्रा ज्यादा होती है। इस तरह के फूड का सेवन स्ट्रोक जैसे गंभीर खतरे को बढ़ा सकता है। दुनिया भर में हर साल लाखों लोगों की हृदय रोग एवं स्ट्रोक की वजह से असमय मौत हो जाती है। अगर डब्ल्यूएचओ के तय मानक के मुताबिक नमक का सेवन दैनिक भोजन में किया जाए, तो दुनिया भर में हर साल होने वाली 25 लाख असमय मौतों को कम किया जा सकता है।
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बीपी रहेगा कंट्रोल
ज्यादा मात्रा में नमक लेने से हाई बीपी की शिकायत रहती है। हाई बीपी कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण होता है। दिल एवं दिमाग संबंधी रोगों के साथ-साथ बीपी शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है। तय मात्रा में नमक लेना आपको हाई बीपी के खतरे से बचा सकता है।
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इन्‍हें आजमाइए

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बदलिए आदत
डब्‍ल्यूएचओ के मुताबिक गंभीर बीमारियों से बचने के लिए हमारे दैनिक आहार में रोजाना महज 5 ग्राम नमक पर्याप्त है। ज्यादा नमक खाने की आदत को बदलने के लिए अपने किचन से ही शुरुआत करें। खाने में कम नमक डालें। खाने की टेबल पर हमेशा रखी रहने वाली नमक की शीशी को वहां से हमेशा के लिए हटाएं। भोजन में ऊपर से नमक डालकर खाना छोड़ दें।
डॉक्टर कहते हैं
दक्षिण-पूर्व एशिया में खानपान की एक पारंपरिक संस्कृति है, जिसमें नमक का खूब सेवन होता है। यहां अचार, सॉस, सीजनिंग जैसे उत्पादों में नमक का उपयोग सामान्य से अधिक होता है। ब्रेड, बेक्ड फूड एवं पैकेज्ड फूड भी इससे अलग नहीं हैं। इनका कम से कम सेवन करें। बच्चों की ऊर्जा आवश्यकता के अनुसार उन्हें भी नमक की संतुलित मात्रा देनी चाहिए।

डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह
क्षेत्रीय निदेशक, डब्‍ल्यूएचओ
(दक्षिण-पूर्वी एशिया)   


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