फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   rotating shift age brain

शिफ्ट में काम करते हैं तो जानें दिमाग से जुड़ा यह खतरा

Wed, 05 Nov 2014 01:00 PM IST
Updated Wed, 05 Nov 2014 01:00 PM IST
विज्ञापन
rotating shift age brain

वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बेवक़्त काम करने से दिमाग समय से पहले बूढ़ा हो सकता है और इससे याददाश्त भी प्रभावित हो सकती है।

विज्ञापन


ऑक्यूपेशनल एंड एनवायरमेंटल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक़ एक दशक तक शिफ्ट ड्यूटी में काम करने से दिमाग उम्र से छह साल ज़्यादा बूढ़ा हो जाता है।

शिफ्ट में काम करना बंद करने के बाद इसमें कुछ सुधार होता है लेकिन सामान्य स्थिति में लौटने में पांच साल का समय लगता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी के लिहाज से इस अध्ययन के निष्कर्ष अहम हो सकते हैं क्योंकि इसके अधिकांश मरीज नींद में गड़बड़ी की शिकायत करते हैं।
विज्ञापन


हमारे शरीर की आंतरिक रचना इस तरह बनी है कि यह दिन में सक्रिय रहता है जबकि रात के समय इसे आराम चाहिए।

इन बीमारियों का है डर

rotating shift age brain

नाइट शिफ्ट में काम करने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि बेवक़्त काम करने से शरीर पर कुप्रभाव पड़ता है और स्तन कैंसर से लेकर मोटापा तक इसके लिए ज़िम्मेदार माना जाता है।

स्वानसी विश्वविद्यालय और टुलूज विश्विद्यालय की एक टीम ने साबित किया है कि बेवक़्त काम करने से दिमाग पर भी असर पड़ता है।

फ़्रांस में तीन हज़ार लोगों पर याददाश्त, विचारों की तेज़ी और सामान्य ज्ञान क्षमता के परीक्षण किए गए।

उम्र बढ़ने के साथ दिमाग की क्षमता भी प्रभावित होती है लेकिन अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि बेवक़्त काम करने से यह प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed