फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   rich women are more prone to depression

कामकाजी महिलाओं को अधिक होती है यह समस्या

Mon, 24 Nov 2014 11:47 AM IST
Updated Mon, 24 Nov 2014 11:47 AM IST
विज्ञापन
rich women are more prone to depression
अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि कार्यस्थल में अधिकार संपन्न महिलाओं के अवसाद में जाने की आशंका पुरुषों के मुक़ाबले ज़्यादा होती हैं।
विज्ञापन


पुरुषों को अधिकार, जैसे कि लोगों को रखने और निकालने के, मिलने पर उनमें अवसाद के लक्षण घट जाते हैं।

'जनरल ऑफ़ हेल्थ एंड सोशल बिहेवियर' में छपे इस शोध के लिए 2,800 अधेड़ महिलाओं और पुरुषों से बात की गई।

ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 1993 और 2004 में विस्कॉन्सिन हाईस्कूल के 1300 पुरुष और 1500 महिला स्नातकों से फ़ोन पर तब बात की थी, जब उनकी उम्र 54 और 64 साल थी।

शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों से नौकरी में अधिकार और उन दिनों के बारे में पूछा जब उन्हें अवसाद के लक्षण महसूस हुए- जैसे कि उदास महसूस करना और यह सोचना कि उनकी ज़िंदगी नाकाम हो गई है।
विज्ञापन


जिन महिलाओं के पास नौकरी में रखने, निकालने, वेतन को प्रभावित करने के अधिकार थे, उनमें ऐसी महिलाओं के मुक़ाबले अवसाद के लक्षण नौ फ़ीसदी ज़्यादा नज़र आए, जिनके पास ये अधिकार नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके विपरीत आदमियों में अवसाद के लक्षण 10 फ़ीसदी कम थे।

हो सकती हैं कई वजहें

rich women are more prone to depression

इस शोध में ऐसे दूसरे कारकों को नियंत्रित किया जिनकी वजह से अवसाद हो सकता है, जैसे कि हफ़्ते में कितने घंटे काम करना पड़ा, क्या काम करने के घंटे ज़रूरत के अनुसार बदले सकते हैं और कर्मचारियों को कितनी बार उनके निरीक्षक देखते हैं।

वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि आदमियों में यह तय करने की संभावना महिलाओं के मुक़ाबले ज़्यादा होती है कि कब काम शुरू करना है और कब बंद। इसके अलावा उनके वरिष्ठ उन पर लगातार नज़र भी नहीं रखते।

मुख्य शोधकर्ता तेत्याना पुड्रोव्स्का कहती हैं महिला बॉस को तनाव, नकारात्मक सामाजिक बर्ताव और रूढ़िवाद, पूर्वाग्रह, अकेलेपन के साथ ही सहयोगियों और वरिष्ठों से प्रतिरोध का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed