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तनाव में बढ़ता है खाने की तरफ हाथ तो सेहत को है खतरा, ये रहा समाधान

Mon, 27 Jul 2015 09:46 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
टीम डिजिटल/ अमर उजाला Updated Mon, 27 Jul 2015 09:46 AM IST
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आपके साथ भी ऐसा होता होगा न कि छुट्टी के दिन बॉस का कॉल आ जाए तो किसी काम को गलत करने की वजह से आपको डांट पड़ जाए और हो गई आपकी छुट्टी बेकार। या फिर अपने साथी से बिना बात लड़ाई हो गई और फिल्म जाने का प्लान कैंसल।

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ऐसे में गुस्सा निकालने के लिए एक ही चीज समझ आती है और वह है खाना। आप किचन में धनधनाते हुए जाते हैं और नूडल्स, चिप्स, बिसकुट, नमकीन जैसा जो कुछ जंक फूड सामने पड़ता है, खाने लगते हैं। इसे कहते हैं स्ट्रेस ईटिंग यानि किसी कारण विचलित या तनाव में होने पर बेहिसाब कुछ भी और कितना भी खाना।
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मोटा कर देती है यह भूख

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तनाव बढ़ने पर एड्रनल ग्लैंड सक्रिय हो जाती है और शरीर में कॉर्टिसोल नाम का तत्व निकलता है जो भूख बढ़ाता है। लेकिन तनाव से बढ़ने वाली इस भूख के कुछ खतरनाक अंजाम भी हो सकते हैं।

एक शोध में पाया गया कि तनाव के कारण ज्यादा खाने वाली महिलाओं के शरीर में कैलोरी और फैट जरूरी मात्रा में कम नहीं हो पाता है। ज्य़ादा फैट कमर के पास ही इक्क्ठा होता है।

फैट युक्त खाना खाने के बाद शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। तनाव हमारे अंदर उस स्त्रोत को कम कर देता है जो हमें एकाग्र रहने में मदद करते हैं। हम यह  सोचने की बजाए कि समस्या का हल कैसे निकालें, खाने की तरफ भागते हैं।

खराब मूड को और खराब कर सकते हैं ये जंक फूड

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अफसोस की बात है कि तनाव में भूख लगने पर हम पौष्टिक चीजें खाने की बजाए चिप्स, आईस्क्रीम, आलू के फ्राईज जैसे चटर पटर की तरफ बढ़ते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन चीजों में शुगर लेवल ज्यादा होता है जो हमें अच्छा महसूस कराता है। धीरे धीरे हाल यह हो जाता है कि हर बार तनाव कम करने के लिए हम इन्हीं चीजों को खाने के लिए भागते हैं।

जो लगो ऐसा कर चुके हैं वो ज्यादा अच्छे से समझते हैं कि इन चीजों को खाने के बाद आखिरकार होता क्या है। इंसान और ज्यादा दुख में बह जाता है। अपनी गलती ढूंढने लगता है या चिढ़चिढ़ा हो जाता है। यानि इन चीजों को खाने से मूड अच्छा होने के बजाए और बुरा हो जाता है।

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खुद से प्यार करना ही है इसका उपाय

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आखिरकार तनाव में होने के बावजूद हम यह जानते होते हैं कि हम भूख नहीं विचलित मन की वजह से इतना ठूस रहे हैं। इसलिए इससे बचने के लिए पहले  खुद को शांत करें। खुद से पूछें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं और आपको क्या चाहिए।

कुछ मिनट आने वाले कल की प्लानिंग में लगा दीजिए। भले ही वह अगले महीने घर में होने वाली शआदी की तैयारियों के बारे में हो या दो दिन बाद आने वाला आपके बेटे का जन्मदिन। इससे आप उस वक्त की समस्या से कुछ देर के लिए बाहर आ जाएंगी और धीरे धीरे शांत हो जाएंगी।

तनाव कम करने के और भूख पहचानने के तरीके सीखिए। इससे आप अपनी भावनाओं को जानना भी सीखेंगे। एक शोध में सामने आया था कि ऐसा करने वाली महिलाओं का फैट ज्यादा मात्रा में कम हुआ बजाए उनके जो ये नहीं करती थीं।खुद से प्यार कीजिए। खुद के लिए दयालु होने पर आपका ध्यान खाने की तरफ ज्यादा नहीं जाएगा।

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