अगर आपका दिल प्यार में टूटा है तो हो सकते हैं ये 5 रोग
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प्यार में मिली असफलता हो या लंबे समय से संबंधों में होने के बाद अब आप बिल्कुल तनहा हैं तो जनाब यह न सिर्फ आपके दिल का मर्ज होगा बल्कि आपके सेहत के लिए भी कई बड़े खतरों का इशारा हो सकता है।
डॉक्टर प्यार में टूटे दिल को ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का नाम देते हैं जिसमें ब्रेकअप की वजह से लंबे समय तक तनाव यानी शरीर में कोर्टिजोल नामक स्ट्रेस हार्मोन की वजह से कई दूसरी समस्याओं का इशारा माना गया है।
कई शोधों में माना जा चुका है कि प्यार में असफल या दुखी लोगों को हार्ट अटैक से लेकर बाल झड़ने तक, कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
दिल के रोगों का खतरा
लंदन की सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि प्यार में धोखा खाने के शुरुआती पहले महीने में स्ट्रोक या दिल के दौरे का रिस्क लगभग दोगुना होता है।
करीब 30,000 ब्रिटिश प्रतिभागियों पर किए गए इस अध्ययन में यह माना गया है।
शोध में यह भी माना गया है कि संबंध टूटने के एक महीने के दौरान दिल के दौरे का रिस्क सबसे अधिक होता है लेकिन घबराने की बात नहीं है क्योंकि यह समय के साथ-साथ अपनेआप घट भी जाता है।
गंजेपन का रिस्क
डेलीमेल पर प्रकाशित शोध की मानें तो जो महिलाएं लंबे समय तक संबंधों में रहने के बाद अलग होने वाली महिलाओं को बाल झड़ने की समस्या 10 प्रतिशत अधिक होती है।
राहत की बात यह है कि सामान्य होने पर महिलाओं के बालों का झड़ना भी अपनेआप कम होता है क्योंकि टेलोजेन इफ्लूवियम नामक यह स्थिति छह महीने के भीतर खुद से ही अपनी रिकवरी है।
बुखार और जुकाम
यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के शोधकर्ताओं की मानें तो संबंधों में कड़वाहट या अकेलेपन की वजह से लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोगों के शरीर में कोर्टिजोल का स्तर बढ़ जाता है जिससे प्रतिरोधी क्षमता कमजोर पड़ जाती है जिससे संक्रमण का रिस्क अधिक होता है।
सिरदर्द की दिक्कत
स्वीडिश और डैनिश शोध की मानें तो लंबे समय तक अवसाद व तनाव सिरदर्द की बड़ा वजह हो सकता है और यह करीब एक तिहाई सिरदर्द के मामलों का कारण हो सकता है।
मांसपेशियों में दर्द व फ्रैक्चर
यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के शोध की मानें तो प्यार में असफल होने का सबसे बड़ा प्रभाव हमारी जीवनशैली पर पड़ता है जिसमें अधिक नशा, जंक फूड और कसरत की कमी जैसी गलतियां हम अक्सर करते हैं।
इससे शरीर में बढ़ने वाले कोर्टिजोल हार्मोन की वजह से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होती हैं जिस वजह फ्रैक्चर व दर्द की आशंका बढ़ जाती है।