बिना दवाइयों के यूं भगा सकते हैं चुटकियों में कमर का दर्द
डेली मेल के मुताबिक, आज पीठ दर्द से लगभग 80 प्रतिशत आबादी, कभी ना कभी परेशान रहती है। ऐसे में हम जब दर्द से परेशान होते है तो सबसे पहले पेनकिलर की तरफ ही भागते हैं।
पर हालिया एक शोध से पता चला है कि पेरासीटामोल कमर दर्द के लिए कारगर नहीं रह गयी। इसका असर एक मीठी गोली जितना ही होता है। इसके अलावा पेरासीटामोल चार गुना ज्यादा लीवर पर उल्टा असर डालती है। तो फिर क्या किया जाये इस दर्द का?
इस दर्द की दवा क्या है?
तो अब ये समझना होगा की इसका इलाज क्या है। पहला तो यह जानना बेहद जरूरी है कि पीठ दर्द का कारण क्या है। अगर कारण नहीं पता है तो इलाज बेअसर हो जायेगा। इसलिए अच्छे तरह से जांच करवाना जरुरी है ताकि बीमारी की जड़ का पता चले और जल्द राहत पायी जा सकेगी। तो आइये जानते है पाचं तरह के पीठ दर्द जो परेशान करते हैं।
मांसपेशियों में खिंचाव से पीठ दर्द
मांसपेशियों में खिंचाव से पीठ दर्द आमतौर पर भारी चीजें उठाने या खेलते वक्त होता है। जिसमें मांसपेशियों में दर्द और मुड़ने में दिक्कत महसूस होती है।
इसका तुरंत इलाज ये है कि ठण्डा पानी या आइस पैक दर्द की जगह पर रखें और अगर मांसपेशिया कस जाये तो गर्म पैक रखकर दोबारा आइस पैक रखें।
स्लिप डिस्क है खतरनाक
इसमें रीढ़ की हड्डी में डिस्क के हट जाने से काफी दर्द होता है। इसके लिए किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसमें आराम करना सबसे जरुरी हो जाता है। इसके अलावा पिलेट्स करना चाहिए ये पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। और खतरे को भी कम करता है।
बार बार खिचांव से होने वाला दर्द
ये दर्द ज्यादातर पीठ के ऊपरी हिस्से में रहता है। ये काम करते वक्त एक ही तरह के मूवमेंट करते रहने से होता है। इससे बचने के लिए जरुरी है कि कोशिश की जाये कि उठते बैठते वक्त शरीर को संतुलित रखा जायें। और शरीर के एक हिस्से पर ज्यादा जोर देने से बचा जाये।
ऑफिस में बैठने का गलत ढ़ग भी बढ़ाता है दर्द
आप अपना पूरा दिन कुर्सी पर बैठकर काम करते हुए बिताते होगें। ऐसे में दर्द होना लाजिमी है। इसके लिए जरुरी है कि कुर्सी पर बैठने का तरीका सधा हुआ होना चाहिए। पैर सीधे जमीन पर रखते हुए पीठ को सीधा रखना चाहिए। साथ ही लंच टाइम में थोड़ी देर के लिए टहलना भी चाहिए।
पीरियड्स में होने वाला दर्द