मीठा छोड़ने से 10 दिन में ही सुधरने लगता है स्वास्थ्य
मोटापे से जूझ रहे बच्चों में डायबिटीज टाइप टू और अन्य रोगों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में मीठे का सेवन कम करने से इन रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।
मीठा खाने से हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। एक नये शोध के मुताबिक मोटापे से जूझ रहे बच्चों के खाने में मीठे की मात्रा कम कर दी जाए, तो उनके स्वास्थ्य में सुधार आता है। यही नहीं, मीठा कम करने का असर सिर्फ 10 दिनों में नजर आने लगता है।
अमेरिका के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट के सहयोग से किए गए इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि खाने में सिर्फ मीठे को कम करने से डायबिटीज टाइप टू जैसे मेटाबॉलिक रोगों का खतरा कम होता है।
चिकित्सक रॉबर्ट लुस्टिग कहते हैं कि इस शोध के आधार पर हम बच्चों के वजन और कैलोरी में कोई बदलाव किए बिना उनके मेटाबॉलिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं, वो भी सिर्फ 10 दिनों में।
उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अहम शोध है, जो बच्चों को स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है। शोध के दौरान इसमें शामिल बच्चों के रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल में काफी सुधार देखने को मिला। यह शोध जर्नल ‘ओबेसिटी’ में प्रकाशित हुआ।
ऐसे किया शोध
शोधकर्ताओं ने 9 से 18 वर्ष की उम्र के उन 43 बच्चों पर यह शोध किया, जिन्हें डायबिटीज और संबंधित बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा था।
इन बच्चों के भोजन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया, सिर्फ उनके खाने से मीठे की मात्रा कम कर दी गई।
10 दिन के भीतर ही इसका सकारात्मक परिणाम नजर आने लगा और उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया