गम में रोने से क्यों मिलता है सकून, आंसुओं में छिपा है दिलचस्प राज
हाल ही में एक शोध सामने आया जिसमे बताया गया कि आंखों से गिरने वाले आंसुओं का आकार उनकी वजह पर निर्भर करता है। शोधकर्ता रोस लिन फिशर ने आंसुओं की बारीकी जानने के लिए 100 अलग तरह के आंसुओं पर जांच की और पाया कि खुशी के आंसुओं का आकार प्याज काटने पर आने वाले आंसुओं से बिलकुल अलग है। उनके इस शोध का नाम है 'द टोपोग्राफी ऑफ टियर्स'।
आंसु होते हैं पेनकिलर
आंखों से तीन प्रकार के आंसु गिरते हैं। एक जो हमारी आंखों को नम बनाए रखने के लिए नियमित रूप से निकलते हैं। दूसरे जो आंख में कुछ चले जाने पर जलन होने से निकलते हैं और तीसरे जो हमारी भावनाओं पर निर्भर करते हैं।
आंसुओं में कुछ तरह के तेल, एंटीबॉडी और एंजाइम होते हैं। इन अलग अलग तरह के आंसुओं में अलग तरह के कण होते हैं। भावनाओं से प्ररेति निकलने वाले आंसुओं में प्रोटीन औऱ एक खास तरह का पेनकिलर ज्यादा होता है जिसके कारण हमें रोने के बाद आराम महसूस होता है।
इन आंसुओं को माइक्रोस्कोप के नीचे रख कर देखा गया तो सभी के आकार अलग अलग दिखे। वास्तव में ये यह शुद्ध छना हुआ नमक होते हैं। यही वजह है कि भावनाओं से निकलने वाले आंसुओं में एक जैसी केमिकल संरचना होने के बावजूद खुशी के आंसुओं का आकार दुख या डर के आसुंओं से अलग होता है।