एक खतरनाक बीमारी से लड़ने में मोबाइल डाटा मददगार
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मोबाइल फोन डाटा मलेरिया से और अधिक प्रभावी तरीके से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं। नामीबिया में किए गए एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथहैंपटन और नेशनल वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नेतृत्व में किए गए इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस खतरनाक बीमारी से बेहतर तरीके से निपटने के लिए मोबाइल फोन डाटा का इस्तेमाल किया।
इसके साथ उनके पास जलवायु, भौगोलिक स्थिति और मलेरिया के मामलों से जुड़ी जानकारियां भी मौजूद थीं। इनकी मदद से शोधकर्ता इस बीमारी की भौगोलिक केंद्रों की पहचान करने और इसके उन्मूलन के लिए लक्षित योजना तैयार करने में सक्षम रहे।
लोगों की गतिविधियों पर नजर
इस अध्ययन के तहत नामीबिया में एक साल के भीतर लोगों की गतिविधियों को मापने के लिए खुफिया मोबाइल रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथहैंपटन के जियोग्राफर डॉ. एंडी टाटेम ने कहा कि लोगों की गतिविधियों को समझना मलेरिया के उन्मूलन के लिए बहुत ही जरूरी है। किसी इलाके में इस बीमारी को खत्म करने की कोशिशों पर अधिक मात्रा में लोगों की गतिविधियों से पानी फिर सकता है। इसके कारण तेजी से परजीवी पनपते हैं।
इस अध्ययन को मलेरिया जर्नल में प्रकाशित किया गया है।