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माइग्रेन के मरीजों को दोगुना है यह खतरा

Sat, 19 Oct 2013 04:20 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 19 Oct 2013 04:20 PM IST
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migraine patients have twice risk of depression

माइग्रेन के मरीजों के लिए चिंता का विषय है। हाल में एक शोध में माना गया है कि माइग्रेन के मरीजों को अवसाद का खतरा दूसरों की अपोक्षा दोगुना होता है।

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यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ताओं की मानें तो माइग्रेन के मरीजों में अवसाद की आशंका अधिक होती है। पुरुषों में सामान्यतः अवसाद के मामले 3.4 प्रतिशत होते हैं जबकि माइग्रेन के मरीज पुरुषों में अवसाद के मरीज 8.4 प्रतिशत अधिक होते हैं।

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इसी तरह सामान्य महिलाओं को अवसाद की समस्या 5.7 प्रतिशत होती है जबकि माइग्रेन की मरीज महिलाओं को अवसाद के मामले 12.4 प्रतिशत तक अधिक होते हैं।

शोधकर्ता प्रोफेसर एस्मे फुलर थॉमसन के अनुसार, ''शोध में हमें चौंकाने वाली बात यह भी मिली की 30 साल से कम उम्र की माइग्रेन की मरीज महिलाओं में अवसाद का रिस्क छह गुना अधिक होता है जबकि 65 साल की उम्र की महिलाओं में अवसाद का खतरा कम होता है।''

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शोध के दौरान कनाडा से 67,000 सैंपल इकट्ठा किए गए जिसमें 6000 सैंपल माइग्रेन के मरीजों के हैं।

इससे पहले भी माइग्रेन पर हुए एक शोध में माना जा चुका है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को माइग्रेन की समस्या अधिक होती है। इस शोध के अनुसार हर 16 में से एक पुरुष को माइग्रेन होता है जबकि हर सात में से एक महिला माइग्रेन की मरीज है। इस शोध को मानें तो माइग्रेन से महिलाओं में अवसाद का प्रतिशत भी अधिक होगा।

इस शोध का विस्तृत विवरण डिप्रेशन रिसर्च एंड ट्रीटमेंट जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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