नौकरी की तलाश में हैं तो बायोडाटा में करें ये सुधार
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नौकरी की तलाश में हैं तो आपके लिए बड़े काम का सुझाव है। यूरोपियन जर्नल ऑफ सोशल साइकोलॉजी में प्रकाशित शोध की मानें तो जो लोग बायोडाटा में अपना मध्य नाम देते हैं उनका बायोडाटा अधिक प्रभावशाली लगता है और उसके चुने जाने की संभावना अधिक रहती है।
शोध के दौरान 500 प्रतिभागियों का परीक्षण किया गया है और इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।
यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक के शोधकर्ता डेविड क्लार्क के अनुसार, ''आमतौर पर मध्य नाम का इस्तेमाल करने पर बायोडाटा अधिक प्रभावशाली लगता है। हो सकता है इसके पीछे हमारी मानसिकता यह हो कि ऐसे नाम वाला व्यक्ति अधिक बुद्धिजीवी हो।''
बायोडाटा को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ उपाय आगे भी दिए गए हैं।
पिछले काम का ब्यौरा
द लैडर्स ने अपने शोध में माना कि नौकरी देने वाली कंपनियां अक्सर सबसे पहले इस बात पर सबसे पहले गौर करती हैं कि आपने किन पिछली कंपनियों में काम किया है और कॅरियर के लिहाज से आपका क्या वर्क एक्सपीरियंस है।
ऐसे में सबसे पहले और हाईलाइट करके अपनी पुरानी कंपनियों का ब्यौरा देने में कोताही न करें।
उपलब्धियों पर दें बल
सीएटल यूनिवर्सिटी के द एल्बर्स स्कूल ऑफ बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स के शोध की मानें तो आपने जिस कॉलेज में काम किया है वह राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्या रैंक रखता है या फिर आपकी उसमें क्या उपब्धियां रही हैं, इसकी जानकारी इंटरव्यू के दौरान आपका प्रभाव स्थापित करने में मददगार हो सकती है।
और क्या-क्या है आपकी रुचि
आप भले ही बायोडाटा में अपनी रुचियों को सबसे नीचे लिखते हों लेकिन इनका प्रभाव बायोडाटा देखने वाले पर यकीनन पड़ता है।
कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोध की मानें तो अक्सर इंटरव्यू के दौरान आपकी रुचियों को आपकी फ्लेक्सीबिलिटी से जोड़कर देखा जाता है। इससे यह अंदाजा लगाना आसान होता है कि आप कितने अलग-अलग कार्यों की मल्टीटास्किंग में सक्षम हो सकते हैं।
स्पष्ट और सीधी बात
बायोडाटा में आप अपने से जुड़ी हर जानकारी लिखते वक्त ध्यान रखें कि वह इतनी साफ और सीधी हो कि आप जो बताना चाहते हैं उसे लेकर पढ़ने वाले के मन में कोई संशय न हो सके।
भाषा संबंधी गलती से बचें
बायोडाटा में आप क्या लिखते हैं और किस तरह लिखते हैं, यह जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है कि आप भाषा से संबंधित कोई गलती न करें। यह आपकी योग्यता पर सवाल उठा सकता है।
इतना ही नहीं, भाषाई गलती आपके काम के परफेक्शन के लिए एक नकारात्मक संदेश हो सकती है। ऐसे में बायोडाटा बनाने के बाद उसे दो से तीन बार जरूर पढ़ें, जिससे अशुद्धियां दूर हो सकें।