थकान दूर करने के लिए कारगर है ये मसाज
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दिन भर का तनाव, असंतुलित लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी में थकना मना है। ऐसे में बॉडी अगर साथ न दे और बीमारियां दस्तक देने लगें, तो मसाज थेरेपी जरूर आजमाकर देखें।
अरोमा थेरेपी
अरोमा थेरेपी न केवल त्वचा में निखार लाती है, बल्कि अवसाद से भी मुक्ति दिलाती है। अरोमा थेरेपी में विभिन्न प्रकार के तेलों से शरीर की मसाज की जाती है।
इसमें कई प्रकार जड़ी-बूटियों के तेल से मसाज की जाती है। अरोमा थैरेपी कई तरह की बीमारियों में बेहद कारगर पाई गई है। मसलन, तुलसी के तेल से मसाज करके माइग्रेन या अजवाइन के तेल से संक्रमण का इलाज किया जा सकता है।
एक्युप्रेशर
एक्युप्रेशर चीन की पारंपरिक चिकित्सा थेरेपी है, जो एक्युपंक्चर विधि का ही एक हिस्सा है। इसमें एक्युप्रेशर के लिए निर्धारित बिंदुओं पर दबाव बनाया जाता है।
इसमें हाथ, कोहनी या एक्युप्रेशर टूल्स से शरीर के अलग-अलग बिंदुओं पर दबाव बनाया जाता है। थकान से राहत दिलाने में यह थेरेपी कारगर है।
आयुर्वेदिक मसाज थेरेपी
आयुर्वेदिक मसाज थेरेपी हमारे देश की सबसे प्राचीन मसाज थेरेपी है, जिसमें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और तेल के माध्यम से शरीर की मसाज की जाती है। यह न सिर्फ तरोताजा करने या थकान मिटाने के लिए कारगर है बल्कि कई बीमारियों के उपचार में भी इसे प्रभावी माना गया है।
योगा मसाज थेरेपी
थाईलैंड में प्रचलित यह पारंपरिक मसाज हमारे देश में योग के साथ-साथ की जाती है इसलिए इसे थाई योगा मसाज थेरेपी कहना गलत नहीं होगा।
कई बार इस मसाज में थाई व चीन की दवाएं मिलाई जाती हैं। थकान मिटाने और तरोताजगी के लिए यह मसाज थेरेपी इन दिनों काफी प्रचलित है।
स्टोन मसाज थेरेपी
स्टोन मसाज थेरेपी में ठंडे और पानी में गर्म किए पत्थरों से शरीर में दबाव और गरमाहट पहुंचाकर शरीर की थकान मिटाते हैं। इसमें पत्थरों पर तेल में डुबोकर पॉलिश करते हैं और पीठ व कमर पर रखते हैं।
इन पत्थरों से शरीर को जो गर्माहट मिलती है उसे दर्द में आराम मिलता है, मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है और शरीर की जकड़न खत्म हो जाती है।
स्वीडिश मसाज
स्वीडिश मसाज दर्द कम करने, जोड़ों की अकड़न कम करने, और गठिया जैसे रोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। इस मसाज को ′क्लासिक मसाज′ भी कहते हैं।