काम के ज्यादा घंटे बढ़ा रहे तनाव, जानिए कैसे मिले इससे निजात
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आधुनिक दुनिया में काम करने का समय तय नहीं है। कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में अपने कर्मचारियों के निजी जीवन को ध्यान में रखकर कार्य प्रणाली तैयार करने में कोई रुचि नहीं ले रहीं।
ऐसे में स्थिति यह है कि घर चलाने के लिए जरूरी कमाई करने के साथ अपने घर, बच्चों और बूढ़े मां-बाप का ख्याल रखना बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम कर रहे लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है।
इससे वह तनाव का शिकार हो रहे हैं। महिलाएं हों चाहें पुरुष, ये काम करने की आज की संस्कृति के नकारात्मक प्रभाव के पीड़ित हो रहे हैं। अमेरिका में जहां महिलाएं अपने बच्चों का ख्याल रखने के लिए पार्ट टाइम या काम करने के घंटे कम करने के लिए कंपनियों से गुहार लगा रही हैं।
वहीं, पुरुष भी काम के ज्यादा घंटों और घर-परिवार की देखभाल न करने की वजह से अपनी नौकरी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। जिनके लिए नौकरी छोड़ना संभव नहीं, वह मजबूरन खुद को खपा रहे हैं। परिणामस्वरूप वह तनाव का शिकार हो रहे हैं।
कार्यप्रणाली को सरल करने की उठ रही मांग
अमेरिका में कंपनी के उच्च पदों पर काम करने वाले लोग अपने घर और नौकरी में समन्वय नहीं बना पा रहे।
उनके काम करने के घंटे तय न होने की वजह से उन्हें, खासकर महिलाओं को अपने बच्चों का ख्याल रखने में दिक्कतें आ रही हैं।
अब महिलाएं ही नहीं, बल्कि पिता भी अमेरिका में बच्चों का ध्यान रखने के लिए छुट्टी का प्रावधान करने के लिए आवाज उठा रहे हैं और काम के घंटों में कमी करना भी इसमें शामिल है। यहां काम करने के घंटों को सरल करने की मांग उठाई जा रही है, ताकि परिवार को भी जरूरी समय दिया जा सके।