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क्या आपको बार-बार फोन की घंटी सुनाई पड़ती है?
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 05 Apr 2013 05:52 PM IST
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क्या आपको अक्सर ऐसा लगता है कि फोन वाइब्रेशन पर रखा है और बज रहा है या फिर बार-बार फोन की घंटी सुनाई पड़ती है और जब फोन उठाने जाते हैं तो फोन पर कोई कॉल नहीं आती? अगर ऐसा है तो यह किसी मानसिक समस्या का संकेत भी हो सकता है।
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बार-बार फोन की रिंगटोन सुनाई देना या वाइब्रेशन का आभास नजरअंदाज करने की बात नहीं है बल्कि 'फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम' या 'रिंगज़ाइटी' नामक एक मानसिक समस्या की शुरुआत भी हो सकती है।
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हालांकि यह मानसिक स्थिति कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन इसे कई गंभीर मानसिक समस्याओं का इशारा जरूर मान सकते हैं। इस बारे में मनोचिकित्सक डॉ. गौरव गुप्ता ने अमर उजाला को बताया, रिंगज़ाइटी जैसी मानसिक स्थिति भले ही अभी हमारे लिए कोई गंभीर मानसिक समस्या नहीं है लेकिन यह हमारे लिए एनज़ाइटी यानी घबराहट, ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी समस्याओं का लक्षण हो सकती है।"
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डॉ.गुप्ता ने बताया, "भले ही शुरु में इसके गंभीर परिणाम न दिखें लेकिन यह हो सकता है कि भविष्य में यह किसी बड़ी मानसिक समस्या का संकेत हो।"
युवाओं के लिए अलार्म
डॉ. गौरव का मानना है कि बार-बार फोन की घंटी या वाइब्रेशन की आवाज आना, या बार-बार मैसेज चेक करना जैसे लक्षण 25 से 40 साल की उम्र के लोगों में सबसे अधिक दिखते हैं। इसलिए यह हमारी युवा पीढ़ी के लिए अलार्म है।
क्या हो सकती है वजह
इस मानसिक स्थिति पर अब तक बहुत कम शोध हुए हैं जिनके आधार पर मनोचिकित्सक अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके हैं फिर भी कुछ ऐसी मानसिक अवस्थाएं हो सकती हैं जिनका संकेत हमें इस तरह के भ्रमों से मिल सकता है। मसलन,
- फोन पर बहुत अधिक बात करने या किसी फोन या मैसेज का बेसब्री से इंतजार करने की स्थिति में भी बार-बार घंटी सुनाई पड़ने का आभास हो सकता है।
- हर समय दोस्तों से फोन पर नेटवर्किंग बरकरार रखने वाले लोगों को यह भ्रम अधिक होता है क्योंकि ऐसे में थोड़े से अकेलेपन में वे खुद को भावनात्मक तौर पर असुरक्षित महसूस करते हैं।
- फोन या टेक्सटिंग की लत भी इसकी एक वजह हो सकती है।
- बात-बात पर घबराने वाले लोगों को ऐसे आभास अधिक होते हैं।
समझें ये इशारे
हालांकि यह कोई गंभीर समस्या नहीं है लेकिन बहुत अधिक फोन या टेक्सटिंग पर निर्भर लोगों के लिए यह घबराहट, एकाग्रता न होना, भावनात्मक असुरक्षा जैसी समस्याओं का इशारा हो सकता है।
हां, भविष्य में यह किन गंभीर दिक्कतों का संकेत हो सकता है, इस बारे में अभी तक डॉक्टरों के पास ठोस प्रमाण नहीं है। फिर भी समय रहते इसके लिए कदम उठाना समझदारी है।
क्या करें
आपको अगर इस तरह के भ्रम अधिक होते हैं तो ये उपाय आपके लिए मददगार हो सकते हैं -
- सोते वक्त या परिवार के साथ समय बिताते वक्त फोन बंद करके रखें।
- फोन पर लंबी बात करने के बजाय उपयोगी बातें ही करें।
- दोस्तों या परिवार से फोन पर देर तक बात करने के बजाय लोगों से मिलिए और सामाजिक गतिविधियों में खुलकर भाग लें।
- अपने समय का उपयोग अपने शौक पूरा करने, कुछ नया सीखने या परिवार के साथ बिताने की कोशिश करें जिससे फोन पर निर्भरता कम हो।