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रेस्तरां में टिप देने से पहले आप भी जान लें ये बातें

Thu, 12 Feb 2015 01:22 PM IST
Updated Thu, 12 Feb 2015 01:22 PM IST
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 interesting facts about tip

आपने किसी रेस्तरां में अच्छा सा खाना खाया होगा और आपके सामने इसका बिल पेश कर दिया गया होगा।

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आप बिल तो देंगे ही लेकिन आपको खाने खिलाने वाले वेटर को कितनी टिप यानी बख़्शीश देनी चाहिए। बीबीसी की अलग-अलग भाषा सेवाओं के साथियों की इस बारे में अलग राय है।
टिप देने के तौर तरीक़ों को लेकर किसी मुसाफ़िर को दुनिया भर में अलग-अलग तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक चलन का अनुभव हो सकता है।
किसी विदेशी के लिए ये एक मुश्किल भरा फ़ैसला हो सकता है कि वेटर को टिप देना ठीक रहेगा या नहीं।
और फिर असमंजस इस बात को लेकर भी हो सकता है कि कितनी टिप देनी चाहिए।
तक़रीबन दुनिया भर में बिल के 10 फ़ीसदी के बराबर टिप देने की रवायत रही है।
अर्जेंटीना, अज़रबैजान, ब्राज़ील, नेपाल और वेनेज़ुएला में मौजूद हमारे साथियों का कहना है कि उनके यहां भी यही चलन है।

टिप का चलन

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लातिन अमरीका में क्रिसमस या शादियों के मौक़े पर वेटरों को ज़्यादा टिप की उम्मीद रहती है- ख़ासकर तब जबकि आप चाहें कि आपकी ड्रिंक आती रहे!

ईरान में ज्यादा टिप देने का चलन है- यह बिल के 10 से 15 फ़ीसदी के क़रीब हो सकता है।

और अगर ईरानियों के लिए ये नए साल का मौक़ा हो तो दिल दरिया हो जाता है।

ईरान में कचरा बीनने वाले भी महीने की टिप की उम्मीद रखते हैं और न मिलने की सूरत में आपके कचरे का बैग फ़ुटपाथ पर छोड़ा हुआ मिल सकता है।

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टिप की उम्मीद

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लेबनन में भी टिप को ख़ासी अहमियत दी जाती है।

वहां मौजूद हमारी संवाददाता कैरीन टॉर्बे कहती हैं कि उनके ख़र्चों का एक बड़ा हिस्सा टिप देने में चला जाता है। लेबनन के पड़ोसी इसराइल में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं।

बीबीसी एकेडमी के मार्क शेया और उनके साथियों का वहां एक महिला वेटर ने बख़्शीश के लिए दूर तक पीछा किया क्योंकि वो अपनी टिप से नाख़ुश थीं।

पूर्वी एशिया में कहानी कुछ अलग है। ताइवान, चीन और वियतनाम में हमारे पत्रकारों ने बताया कि उनके देशों में किसी बख़्शीश की उम्मीद नहीं की जाती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं हुआ कि टिप का वह स्वागत नहीं करेंगे।

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'चाय के लिए छुट्टे'

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उज़्बेकिस्तान में बीबीसी उज़्बेक सेवा के रुस्तम क़ोबिलोव कहते हैं कि उनके यहां टिप को 'चाय के लिए छुट्टे' कहा जाता है।

रुस्तम बताते हैं कि सोवियत अतीत की वजह से शायद यहां के लोग टिप को अच्छा नहीं मानते हैं।

श्रीलंका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और भारत में टिप आम बात है।

बीबीसी हिंदी के संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली कहते हैं कि अगर आप ज़्यादा टिप देते हैं तो आपके साथी आपको घमंडी कह सकते हैं। लेकिन अमरीका में टिप देने के तौर तरीक़े बिलकुल ही अलग हैं।

मैड्रिड में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ़ प्रोटोकॉल के प्रेसिडेंट गेरार्डो कोरियास ने बीबीसी मुंडो को बताया, "दुनिया में शायद सबसे ज़्यादा टिप अमरीका में दी जाती है।"
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