फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   instant noodles rise cardiometabolic disease risk

नूडल्स के शौकीन हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर

Thu, 09 Oct 2014 08:11 PM IST
Updated Thu, 09 Oct 2014 08:11 PM IST
विज्ञापन
instant noodles rise cardiometabolic disease risk

दो मिनट में झट से तैयार हो जाने वाले इंस्टैंट नूडल्स न केवल बच्चों से लेकर बड़ों तक को भाते हैं बल्कि बनाने में भी आसान हैं। इस खासियत के चलते अगर आप भी इंस्टैंट नूडल्स अधिक खाते हैं तो यह आपकी सेहत से जुड़ा बड़ा खतरा हो सकता है।

विज्ञापन


वुमेन्स हेल्थ पर प्रकाशित शोध की मानें तो इंस्टैंट नूडल्स का अधिक सेवन हमें सेहत से जुड़े कई गंभीर रोगों के निशाने पर हो सकते हैं।
विज्ञापन


द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित शोध में दो मिनट में तैयार होने वाले नूडल्स, को उनकी इसी खासियत के कारण दिल के दौरे, डायबिटीज और स्ट्रोक जैसी समस्याओं की वजह हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने इंस्टैंट नूडल्स खाने से कार्डियोमेटाबॉलिक सिंड्रोम नामक स्थिति का संबंध माना है जिसमें कार्डियो यानी हृदय संबंधी और मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याओं का रिस्क है।

हफ्ते में एक बार भी इसका सेवन है खतरनाक

instant noodles rise cardiometabolic disease risk

बेलर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अनपे अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है कि जो महिलाएं हफ्ते में दो बार भी इंस्टैंट नूडल्स खाती हैं, उन्हें मेटाबॉल‌िक रोगों का रिस्क 68 प्रतिशत अधिक होता है।

दूसरी ओर जो महिलाएं हफ्ते में एक बार नूडल्स खाती हैं उन्हें यह रिस्क 26 प्रतिशत अधिक होता है। हालांकि नूडल्स के सेवन से पुरुषों में इस समस्या से संबंधित प्रमाण अब तक नहीं मिल सका है।

शोधकर्ताओं ने 2007 से लेकर 2009 के बीच महिलाओं द्वारा इंस्टैंट नूडल्स के सेवन की मात्रा और उनकी सेहत से संबंधित आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।

क्यों नुकसानदायक हैं इंस्टैंट नूडल्स

instant noodles rise cardiometabolic disease risk

इंस्टैंट नूडल्स के नुकसान की बात करें तो शोध में इसके एक नहीं बल्कि कई नुकसानों की जानकारी दी गई है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इनमें कैलोरी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स, सैचुरेटेड फैट्स और सोडियम की अधिकता होती है जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है, खासतौर पर महिलाओं के लिए।

इनके सेवन से न केवल मधुमेह, दिल के दौरे या स्ट्रोक का अधिक रिस्क है बल्कि यह महिलाओं के हार्मोनल बदलाव को भी प्रभावित कर सकते हैं। इनकी पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला केमिकल - बाइस्फेनॉल ए (बीपीए) महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन से लेकर कैंसर तक का कारण हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि कितनी मात्रा में इंस्टैंट नूडल्स का सेवन कर सकते हैं, इसपर कोई मानक तय नहीं है जिससे लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि उन्हें कितनी मात्रा में नूडल्स का सेवन करना च‌ाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed