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कहीं आपका बच्चा दब्बू तो नहीं हो रहा

Tue, 25 Sep 2012 04:16 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 25 Sep 2012 04:16 PM IST
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how to handle childs shyness

स्कूल के शुरुआती दिनों में अकसर बच्चों का संकोच कब उनकी झिझक में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। आप जब बच्चे को स्कूल ले जाते हैं तो वह रोता है, टीचर से बात नहीं करता, लंच पूरा नहीं करता जैसी कई बाते हैं जो शुरू में तो हर बच्चे के व्यवहार में इस तरह के बदलावों को सामान्य माना जाता है लेकिन इन्हें अनदेखा करने से कई बार बच्चों की यही झिझक उन्हें शर्मीला से दब्बू बना देती है।

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बच्चे को दिखाएं बाहरी दुनिया
आप अपने बच्चे को अपने दायरे से बाहर होने का मौका नहीं देगें तो हो सकता है कि उसे स्कूल में दूसरों के साथ घुलने-मिलने में परेशानी हो। अगर आप बच्चे को अपने और परिवार तक ही सीमित रखते हैं तो वह बाहरी लोगों से घुलने-मिलने में घबराएगा। आप समय-समय पर अपने बच्चों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घर ले जाने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। कॉलोनी में दूसरे बच्चों के साथ उन्हें खेलने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे स्कूल में वह दूसरे बच्चों के बीच घबराए नहीं।
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बच्चों के सवालों का दें जवाब
अगर आपका बच्चा आपसे ढेर सारे सवाल करता है तो उससे डांटने या चुप कराने के बजाय उसके प्रश्नों का उत्तर जरूर दें। इससे बच्चे का कौतुहल तो शांत होगा ही, साथ ही उसका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। कई बार बच्चे अपनी झिझक के कारण स्कूल में भी सवाल नहीं कर पाते जिससे उनका आत्मबल तो कम होता है ही, साथ ही उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। ऐसे में अगर आप बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उनसे बाते करेंगे तो उनका आत्मविश्वास बना रहेगा।
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एक्स्ट्रा-कॅरिकुलर गतिविधियां
बच्चे में आत्मविश्वास बरकरार रखने और उसकी झिझक को दूर करने के लिए उन्हें पढ़ाई के अलावा दूसरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करते रहें। वह सामाजिक तो होगा ही, साथ ही उसका व्यक्तित्व विकास भी तेजी से होगा। सही समय पर अपने बच्चे की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का यह प्रयास उसकी हर झिझक को खत्म कर देगा और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।


बच्चे को अकेला न छोड़ें

अगर आप अपने बच्चे के व्यवहार में यह बदलाव महसूस कर रहे हैं कि वह हमेशा अकेले रहना ही पसंद करता है तो इसे नजरंदाज न करें। हमेशा उसके साथ रहें और उसे परिवार के बीच रहने और हर किसी से बाते करने के लिए प्रोत्साहित करें।

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