फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   how to deal with problems due to boss affair in office

बॉस की 'गर्लफ्रेंड' क्या प्रभावित करती है आपका प्रमोशन?

Thu, 12 Mar 2015 01:09 PM IST
Updated Thu, 12 Mar 2015 01:09 PM IST
विज्ञापन
how to deal with problems due to boss affair in office

आपके दफ़्तर में यदि बॉस किसी युवा महिला इंटर्न को ख़ासा प्रोमोट करने लगे, ज़िम्मेदारी देने लगे, लेकिन उसके साथ डेटिंग भी करने लगे, तो आप क्या करेंगे?

विज्ञापन


अगर आप कामकाजी हैं तो हो सकता है कि दफ़्तर में कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा हो। ये भी हो सकता है कि तलाक के बाद बॉस के ऐसे व्यवहार का असर आपके और अपके सहकर्मियों के कामकाज पर पड़ने लगे।
विज्ञापन


जब बॉस युवा महिला इंटर्न की प्रोजेक्ट्स को अन्य कर्मचारियों की तुलना में ज़्यादा समय देने लगे, तो संभवत: अन्य कर्मचारी पेशेवर तौर पर उसके नज़रिए पर भी सवाल उठाएँ। लेकिन करना क्या चाहिए?
विज्ञापन
विज्ञापन


बीबीसी कैपिटल पर वर्क एथिक कॉलम दुनिया भर में दफ़्तरों में सामने आने वाली ऐसी समस्याओं और नैतिक सवालों पर रोशनी डालता है।

बॉस को कैसे समझाएँ?

how to deal with problems due to boss affair in office

बॉस को अपनी निजी ज़िंदगी अपनी इच्छानुसार जीने का हक़ है और कोई इस पर सवाल नहीं उठा सकता है।

मामला उलझता तब है जब दफ़्तर में उसका ये व्यवहार माहौल पर बुरा असर डालने लगता है। एक तरह से ये पुअर च्वाइस जैसा मामला है।

कई कंपनियों में तो सीनियर और जूनियर कर्मचारियों के बीच संबंधों की इजाज़त नहीं होती है। ऐसे में बहुत संभव है कि बॉस नैतिक मापदंडों के उल्लंघन के साथ साथ कंपनी के नियमों का उल्लंघन भी कर रहा हो।

बस शिकायत का मामला

how to deal with problems due to boss affair in office

ये पूरी तरह संभव है और आम तौर पर बेहतर बॉस, अपने जूनियर कर्मचारियों की क्षमता को आंक लेते हैं और प्रतिभावान जूनियर को प्रमोट भी करते हैं ताकि उस युवा में पेशेवर क्षमता विकसित हो सके।

जब ऐसा होता है तो टीम के दूसरे साथी शिकायत करते हैं कि उनकी अनदेखी की जा रही है।

यह अकसर केवल शिकायत भर हो सकती है, अगर वाकई, युवा कर्मचारी प्रतिभाशाली हो और बॉस को कामकाज के अलावा उस जूनियर में कोई और दिलचस्पी न हो।

लेकिन जिस स्थिति की पहले बात हुई है - यानी बॉस युवा इंटर्न के साथ डेटिंग भी कर रहा है - उस स्थिति का भी सामना सहजता से संभव है।

हो सकता है कि बॉस को ये अंदाजा न हो कि उसकी टीम उस ख़ास इंटर्न को प्रमोट किए जाने, प्राथमिकता देने की मंशा पर अटकलें लगाने लगी है।

शायद उसे इसका एहसास भी नहीं हो कि वह इंटर्न उसे जितनी 'ख़ास' लगती है, उतनी टीम के और सदस्यों को वो 'ख़ास' नहीं लगती हो।

उसे शायद ये भी मालूम ना हो कि उसके इस रवैए का दूरगामी असर होगा। ये संभव है कि वह उस इंटर्न से काफी लगाव महसूस करने लगा हो और उसे इसका एहसास भी नहीं हो कि वो कोई सीमा रेखा लांघ रहा है।

बॉस से कीजिए बात

how to deal with problems due to boss affair in office

अगर आप उस टीम के वरिष्ठ सदस्य हों और आपके संबंध बॉस के साथ अच्छे हों तो आप उसे दफ़्तर के बाहर कॉफी पिलाने ले जाएँ।

ये सुझाव है 'वर्कप्लेस में रोमांस' पर विस्तृत अध्ययन करने वाली अमरीकी मनोविज्ञानी न्यू हेवन यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफ़ेसर एमी निकोल सालवेग्गीओ का।

एमी निकोल के मुताबिक अगर आप खुद सीनियर नहीं हों तो फिर किसी वरिष्ठ साथी को इस काम के लिए तैयार कीजिए।

एमी निकोल कॉफी पर होने वाली बातचीत के लिए भी सलाह देती हैं।

वो बताती हैं कि बातचीत कुछ इस तरह शुरू होनी चाहिए, "हम आपके नए संबंध पर काफी खुश हैं। हम जानते हैं कि आप बहुत प्रोफ़ेशनल हैं और अपने काम में निजी भावनाओं को नहीं आने देते हैं। लेकिन कई बार, जो नज़र आता है, उसके आधार पर लोग धारणा बना लेते हैं। शायद उनका (बॉस की गर्लफ्रेंड का नाम) भी हित इसी में है कि किसी अन्य सुपरवाइजर / मैनेजर के नीचे काम करें।"

एचआर मैनेजर से मिलिए

how to deal with problems due to boss affair in office

एमी के मुताबिक इस तरह से ध्यान दिलाए जाने का असर होगा। आप अपने बॉस को ये बताने में कामयाब रहेंगे कि कुछ समस्या है और वह भी शर्मिंदा नहीं होंगे।

एमी अपने ईमेल में बताती हैं, "इस बातचीत से ये जरूर जाहिर हो जाएगा कि आप उन दोनों के करियर को लेकर चिंतित हैं - कि बॉस पक्षपाती मैनेजर न नज़र आएँ और उनकी गर्लफ्रैंड का करियर कम उम्र में ज़्यादा जिम्मेदारी के बोझ के नीचे न दब जाए।"

एमी के मुताबिक आपको ये जाहिर नहीं करना चाहिए कि इस स्थिति से आप या आपके साथी प्रभावित हो रहे हैं। अगर बॉस उस इंर्टन को दूसरी टीम में डाल देता है तो ये सबके लिए बेहतर होगा।

लेकिन अगर इस रास्ते से हल नहीं निकला तो एमी के मुताबिक आपको मानव संसाधन (एचआर) डिपार्टमेंट के प्रमुख से मिलना होगा। वहीं आपको इस मुद्दे को रखना चाहिए और बताना चाहिए कि आप किन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं और इससे टीम का काम कैसे प्रभावित हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed