ये फायदे जानकर सर्दियों में जरूर खाएंगे तिल
तिल सफेद हो या काला, इसके हर दाने में है सेहत की बात। विटामिन-ए और सी को छोड़कर इसमें जरूरी सभी पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
विटामिन-बी और फैटी एसिड्स से युक्त तिल में आयरन, जिंक, प्रोटीन,कॉपर, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
100 ग्राम तिल से 1000 मिलीग्राम कैल्शियम प्राप्त होता है, जो हड्डियों के लिए भी अच्छा माना गया है। तिल की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में इसे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है। तभी तो सर्दियों के शुरू होते ही ज्यादातर लोग खाने में तिल को शामिल कर लेते हैं।
छोटा बीज, बड़ा कमाल
मेमोरी पावर बढ़ाने के साथ-साथ यह पाचन शक्ति को भी मजबूत बनाता है। इससे वात की समस्या दूर होती है। लेकिन प्रेग्नेंट महिलाएं या ऐसे लोग जिनको एलर्जी की समस्या हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही तिल का सेवन करना चाहिए।
आयुर्वेद में इसे रक्तअल्पता के इलाज में कारगर माना गया है। पानी में भिगोए हुए तिल को हल्का-सा भून लें। इसके बाद इसे पानी या दूध के साथ मिक्सी में पीस लें। इसे सादा या गुड़ के साथ मिलाकर पीने से रक्त की कमी दूर होती है।
15-25 ग्राम काले तिल को रोजाना सुबह चबाइए और पानी पी लीजिए। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और बाल भी सुंदर बनते हैं।
कब्ज की समस्या रहती हो, तो एक चम्मच तिल को देसी घी में मिलाएं और इसे दिन में 2-3 बार खाएं।
कैसे खाएं
हालांकि तिल हजम करने के लिहाज से भारी होता है। इसलिए घर के बड़े-बुजुर्गों रात सात बजे के बाद तिल या तिल से बनी चीजों का सेवन करने से मना करते हैं। तिल को भून कर खाएं या गुड़ के साथ लड्डू बनाकर, सही मात्रा का ज्ञान होना जरूरी है।
इसके अलावा, सलाद या अन्य किसी रेसिपी में भी इसे मिक्स कर सकते हैं। काला, सफेद और लाल रंग में मिलने वाले तिल में काले तिल को ज्यादा पावरफुल माना गया है।
तेल भी कम नहीं
सप्ताह में एक दिन तिल के तेल को दांतों पर रगड़ें। इससे दांत मजबूत और चमकदार बनते हैं।
तिल के तेल में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर मुंह के छालों पर लगाएं।
ब्यूटी प्लान में तिल
तिल को पीस कर मक्खन के साथ मिलाकर नियमित रूप से चेहरे पर लगाने से रंग निखरता है और चेहरे के कील-मुंहासे भी खत्म होते हैं।
रूसी दूर करने के लिए बालों में तिल का तेल लगाएं। आधे घंटे बाद गर्म पानी में भीगी और निचोड़ी हुई तौलिया सिर पर लपेटें। इस क्रिया को पांच मिनट तक करें। फिर कुछ देर के बाद ठंडे पानी से बालों को धो लें। बालों में तिल का तेल लगाने से बाल काले और घने होते हैं।
गर्म तिल के तेल में सेंधा नमक और मोम मिलाकर फटी हुई एड़ियों पर लगाएं। तिल का तेल आपकी त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचाकर पिग्मेंटशन और रिंकल से त्वचा को बचाता है।
नवजात शिशु को तिल के तेल से मालिश करें। इससे उनकी ग्रोथ अच्छी होती है और उनको नींद भी अच्छी आती है।
आयुर्वेद में तिल
डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, शरीर के कई सारे विकारों को दूर करने वाले तिल एक गुणकारी औषधि है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में खूब किया जाता है। तिल के तेल का वैदिक काल से ही प्रयोग किया जा रहा है।
यदि तिल का तेल न होता, तो आयुर्वेद की लगभग 40 प्रतिशत दवाइयों का अस्तित्व ही न होता। तिल का तेल बहुत ही पौष्टिक होता है। यह त्वचा को शुष्क होने से रोकता है।
यह वात को शांत करने के लिए विशेष उपयोगी है। शारीरिक विकारों, जैसे बालों के टूटने, मोटापा दूर करने, पाचन शक्ति सही रखने तथा बौद्धिक शक्ति को बढ़ाने के लिए तिल का तेल अत्यंत लाभकारी माना गया है।
इस तेल में उपस्थित कैल्शियम और मैग्नीशियम तत्वों के कारण इसे आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का भी समर्थन प्राप्त हो रहा है।