फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   health benefits of pulses

भोजन में दाल इन पांच वजहों से है जरूरी

Tue, 12 Aug 2014 11:30 AM IST
Updated Tue, 12 Aug 2014 11:30 AM IST
विज्ञापन
health benefits of pulses

′दाल-रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ′ इस कहावत का सार आपकी सेहत बदल सकता है। दाल और रोटी का कॉम्बिनेशन एक प्रोटीन रिच डाइट बनाता है, जो सेहत के लिए खासा फायदेमंद है।

विज्ञापन


न्यूट्रीशन एक्सपर्ट भी हेल्दी डाइट में दालों को शामिल करने की सलाह देते हैं। इस बार जानते हैं, क्या हैं दालों के फायदे और कितनी मात्रा में दालों का सेवन है जरूरी।
विज्ञापन


मूलतः दालों का मतलब होता है फली। सोयाबीन या मूंगफली के दाने भी फली श्रेणी में ही आते हैं, लेकिन इनमें फैट की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें सामान्य तौर पर दालों की श्रेणी में नहीं रखा जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन समस्याओं में अध‌िक जरूरी है दाल

health benefits of pulses

दालों में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की पर्याप्त मात्रा होती है, जबकि फैट बिलकुल नहीं होता। इन्हीं पोषक तत्वों के कारण दालों की गिनती संतुलित भोजन वाली थाली में शामिल सबसे अहम खाद्य पदार्थ के तौर पर होती है। कुछ खास मामलों में दाल का सेवन खासा लाभप्रद है-

- जिनका वजन ज्यादा है।

- जिन्हें डायबिटिज है।

- जिनमें ब्लड कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादा है।

- जिन्हें सीलिएक डिसीज है।

फाइबर की अध‌िकता

health benefits of pulses

दालों में फाइबर की पर्याप्त मात्रा होती है। इनमें मौजूद घुलनशील फाइबर ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं, जबकि अघुलनशील फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं।

फर्टिलिटी बढ़ाए

health benefits of pulses
दालें फोलेट का भी अच्छा स्त्रोत हैं। इससे फर्टिलिटी बढ़ती है इसलिए इसका सेवन निय‌म‌ित तौर पर जरूरी है।

हार्ट अटैक से बचाएं

health benefits of pulses

फोलेट होमोसिस्टाइन (एक प्रकार का प्रोटीन) के स्तर को कम करने में मदद करता है। अध्ययन बताते हैं कि होमोसिस्टाइन का उच्च स्तर धमनियों की अंदरूनी सतह को नष्ट कर देता है और खून के थक्के जमने और प्लॉक बनाने का काम करता है।

समय के साथ इससे हृदय और मस्तिष्क तक रक्त का संचार कम हो जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा पैदा हो जाता है।

ग्लूटेन मुक्त है दाल

health benefits of pulses

दालें ग्लूटन मुक्त होती है, इसलिए सीलिएक बीमारी से ग्रस्त लोग भी इनका सेवन कर सकते हैं। दालों का सेवन हर रोज किया जा सकता है।
 
डॉ. संजय कुमार की मानें तो किसी भी व्यक्ति को 1-2 ग्राम दाल प्रति किग्रा वजन के अनुसार सेवन करना चाहिए। मसलन यदि आपका वजन 45 किग्रा है, तो प्रतिदिन 90 ग्राम दाल का सेवन करें।

सेहत के लिए क्या खाएं, क्या न खाएं के बारे में सोचकर परेशान हैं, तो एक आसान उपाय अपनाएं और दाल-रोटी खाने पर ध्यान दें। सेहत और दिमाग के लिए अच्छा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed