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खूबसूरती के चक्कर में कहीं बीमारियां न मिल जाएं

Fri, 31 Jan 2014 01:29 PM IST
किरण
किरण Updated Fri, 31 Jan 2014 01:29 PM IST
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मुलायम त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर, पोषण देने के लिए नरिशिंग क्रीम, ग्लो पाने के लिए फेयरनेस क्रीम और फेस पाउडर, होंठों की सुंदरता के लिए लिपस्टिक, ये वो कॉस्मेटिक्स हैं, जिसे हम रोजाना इस्तेमाल में लाते हैं।

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ब्यूटी किट में किसी एक समान की कमी आपको बर्दाश्त नहीं होती। इस तरह सुबह से लेकर रात सोने तक न जाने कितने केमिकल्स कॉस्मेटिक उत्पादों के माध्यम से हमारी त्वचा के संपर्क में आते हैं।
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स्किन एक्सपर्ट रोहित बत्रा बताते हैं कि हम कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल आमतौर पर खूबसूरती बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन जब यही कॉस्मेटिक्स आपको बीमार बनाने लगे, तो शायद महिलाएं कोई भी कॉस्मेटिक इस्तेमाल करने से पहले एक बार जरूर सोचेंगी।
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हाल की आई सीएसई की रिपोर्ट पर विश्वास करें, तो बहुत सारी बड़ी कंपनियों के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में  हैवी मेटल जैसे अर्सेनिक, कैडमियम, लेड, मरकरी, निकेल आदि पाए गए हैं। ये वो मेटल हैं, जो शरीर से लंबे समय तक टच में रहें, तो कैंसर और त्वचा संबंधी अन्य सम्ास्याओं को बढ़ा सकते हैं।
 
वहीं सीएसई की प्रमुख सुनीता नारायण का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट में खतरनाक रसायनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए देश में कोई सख्त कानून नहीं है। मरकरी का इस्तेेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

किस केमिकल का क्‍या प्रभाव

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बहुत सारी कंपनियां अपने प्रोडक्‍ट को बेचने के लिए तय मानक से ज्‍यादा केमिकल कॉस्‍मेटिक यूज करने लगी हैं। इनमें कुछ ऐसे केमिकल भी इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, जो प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद उनका इस्तेमाल हो रहा है।

त्‍वचा को नमी देने और सूर्य की हानिकारक किरणों से सुरक्षा देने के लिए मॉइस्चराइजर का यूज करते हैं। लेकिन क्‍या आपको मालूम है कि ज्यादातर कंपनियों के मॉइस्चराइजर में मौजूद हानिकारक केमिकल आपकी त्वचा से नमी छीन भी लेते हैं।

रेटिनॉल जैसे रसायन एंटी एजिंग क्रीम में ज्यादातर यूज किए जाते हैं। रेटिनॉल से त्वचा सूर्य प्रकाश के प्रति ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है। यही नहीं इससे त्वचा की परतें हट भी सकती हैं। गर्भधारण करने वाली युवतियों को रेटिनॉल से बने प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए।  कोई भ्‍ाी ब्‍यूटी प्रोडक्ट लेने से पहले उस पर लिखे निर्देश को पढ़ें। जिस चीज से आपको एलर्जी हो, उससे बचें।
 
हाइड्रोक्विनॉन रसायन कैंसर कारक होता है। वहीं शैंपू में यूज सोडियम लॉरिल सल्फेट त्वचा में खुजली कर सकता है। इससे सिरदर्द हो सकता है।
ट्राइइथेनोलामाइन नामक रसायन कुछ स्किन केयर प्रोडक्ट में पीएच वैल्यू को ठीक रखने के लिए मिलाया जाता है। इस केमिकल से एलर्जी, त्वचा के रूखेपन आदि की समस्या हो सकती है।
 
भले ही रंग-बिरंगे बाल आपकी पर्सनैलिटी को निखारते हों, लेकिन कभी आपने गौर किया है कि इसमें इस्तेमाल केमिकल आपके लिए कितना फ्रेंडली है? कुछ शोधों में यह बात सामने आई है कि कुछ कंपनियां हेयर कलर में टार और लेड जैसे केमिकल का इस्‍तेमाल जरूरत से ज्‍यादा कर रही हैं।

इससे बाल झड़ने, खुजली, जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं लेड से मस्तिष्क की तकलीफ बढ़ती है। साथ ही इसमें मौजूद अन्य हानिकारक रसायन आंखों और दिमाग पर काफी बुरा असर डालते हैं।

इसी तरह वैक्सिंग और ब्‍लीच क्रीम भी है। इसमें भ्‍ारी कुछ ऐसे रसायन इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, जिनका सेहत पर बुरा असर होता है। ब्लीच क्रीम में इस्‍तेमाल रसायन आपकी त्वचा में रैशेस, जलन और खुश्की जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसलिए इसके इस्‍तेमाल से पहले त्‍वचा पर इसकी जांच कर लें कि यह आपकी त्वचा के लिए सही है या नहीं। यदि आपकी त्‍वचा ज्‍यादा संवेदनशील है, कोई भ्‍ारी कॉस्मेटिक यूज करने से पहले स्किन एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

खुशबू में भी केमिकल

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अगर आप तरह-तरह की खुशबूदार चीजें लगाने की शौकीन हैं, तो आपको बता दूं कि बाजार में मौजूद कई तरह की फ्रेगरेंस जैसे परफ्यूम, डियो, एयर फ्रेशनर आदि में भी कुछ ऐसे केमिकल मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत पर बुरा असर डालते हैं।

टेलकम पाउडर भी इससे अछूता नहीं है। इसमें यूज केमिकल शरीर में एलर्जी और फेफड़ों में इंफेक्शन का कारण हो सकता है। काजल, सुरमा और लिपस्टिक में भी रसायन मिक्‍स हैं। केमिकल युक्‍त काजल आंखों में कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है।

लिपस्टिक का केमिकल भी आपके होंठ से नमी को चुरा सकता है। इसलिए लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम का प्रयोग करें। ज्‍यादा जरूरी न हो, तो लिपस्टिक लगाने से बचें।

हर्बल का विकल्‍प

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सौंदर्य उत्‍पाद के प्रति ये लापरवाही न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया की कहानी है। जो लोग जागरूक हैं, वे अन्‍य विकल्‍पों के बारे में भी सोचते हैं, लेकिन उन लोगों का क्‍या जो इनसे अनजान हैं।

हालांकि पिछले  कुछ सालों में केमिकल्‍स के साइड इफेक्‍ट्स को देख्‍ाते हुए लोगों का रुझान हर्बल और ऑर्गेनिक उत्पादों की तरफ बढ़ा है। 

हर्बल प्रोडक्‍ट के बारे में ब्‍यूटी एक्‍सपर्ट  शहनाज हुसैन का मानना है कि केमिकल युक्‍त कॉस्मेटिक प्रोडक्‍ट्स न सिर्फ त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सेहत पर भी असर डालते हैं। इनसे बचने का बस एक ही तरीका है हर्बल प्रोडक्ट का चुनाव।

ऐसे उत्‍पाद इको-फ्रेंडली भी होते हैं और त्‍वचा को हानिकारक प्रभाव से बचाते भी हैं। ऐसे उत्पाद  त्वचा के प्राकृतिक तत्वों की सुरक्षा करते हैं और त्‍वचा को चमकदार और लचीला बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आप भी केमिकल के प्रभाव से खुद को बचाना चाहती हैं, तो कॉस्‍मेटिक्‍स के अन्‍य विकल्पों पर भी गौर करें। कुछ भी खरीदने से पहले जांच-परख जरूरी है।

कारगर है घ्‍ारेलू नुस्‍खे

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आपके किचन में ही ऐसी कई चीजें हैं, जिनका इस्‍तेमाल आप अपने सौंदर्य काे बनाने में कर सकती हैं। शहद, हल्‍दी, अलसी, बेसन, एलोवेरा, केसर, नीम, जैसी चीजों का इस्‍तेेमाल आप त्‍वचा के लिए कर सकती हैं।

अगर त्वचा को कुदरती तरीके से नम रख्‍ाना चाहती हैं, तो शहद आपके लिए सही रहेगा। शहद में ऐसी खूबी है कि यह त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से बचाने के साथ्‍ा त्वचा को ताजगी प्रदान करता है। शहद एक प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट है। इस वजह से यह त्वचा को इंफेक्शन से भी बचाता है।

यह त्वचा में पानी की कमी नहीं होने देता और त्वचा को सूखेपन से बचाता है। अगर इसे रोज त्वचा पर लगाएं, तो आपकी त्वचा चमकदार और कोमल हो जाती है। अगर आपकी त्‍वचा तैलीय है, तो शहद और दूध का घोल नियमित रूप से अपने चेहरे पर लगाएं। मुंहासों से बचने के लिए आप अपने चेहरे पर शहद लगा सकती हैं।

कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में मानक से ज्यादा केमिकल

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सीएसई की हाल में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में खतरनाक और प्रतिबंधित रसायन धड़ल्ले से मिलाए जा रहे हैं, जिसमें कुछ बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। फेयरनेस क्रीम और लिपस्टिक में जो केमिकल यूज किए जा रहे हैं, उससे आपकी याददाश्त तक भी जा सकती है।

इस रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग कंपनियों के कॉस्मेटिक्स के नमूनों की जांच की, तो क्रीम के 14 नमूनों में 0.10 से 1.97 पीपीएम स्तर तक मरकरी पाई गई, जबकि किसी भी क्रीम में मरकरी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

15 बड़ी कंपनियों की लिपस्टिक में भी क्रोमियम की मात्रा अधिक मिली। वहीं हेयर कलर प्रोडक्ट में टार की अधिक मात्रा पाई गई। फेस पाउडर और ऐसे अन्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी निकेल की मात्रा आवश्यकता से अधिक मिली है। यही नहीं बच्चों के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी हानिकारक रसायन पाए गए।

अपनाएं ऑर्गेनिक ब्यूटी

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लोगों को सोचना चाहिए कि केमिकल्स लॉन्ड्री के इस्तेमाल के लिए है, न कि त्वचा के लिए। नाजुक त्वचा की देख्‍ाभाल खास तरह से करनी चाहिए। कॉस्‍मेटिक प्रोडक्ट में यूज केमिकल का प्रभाव भले ही आपको तुरंत न दिखें, लेकिन 30-40 की उम्र के आते ही इसका असर दिखना शुरू हो जाता है।

लेकिन इसके उलट ऑर्गेनिक ब्यूटी प्रोडक्ट आपकी त्वचा पर कोई प्रभाव नहीं डालते। इसमें जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और तेल आदि होते हैं, जो त्वचा को पोषण देने के साथ उसे बैलेंस रखते हैं।

ऑर्गेनिक कॉस्मेटिक्स सख्त और हार्मफुल तत्वों से फ्री होते हैं। बाजार में ऑर्गेनिक प्रोडक्ट््स की कई रेंज मौजूद हैं, जिसमें स्किन केयर से लेकर हेयर केयर प्रोडक्ट भी मौजूद हंै। इसमें से आप खुद के लिए सही प्रोडक्ट चुन सकती हैं और अपनी खूबसूरती को लंबे समय तक बनाए रख सकती हैं।
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