गोल्डन चावल खाने से दूर हो सकता है कैंसर, मलेरिया, इबोला
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हल्दी का पीला रंग मन को प्रसन्नता देता है जबकि पीला चावल निमंत्रण (शगुन ) का प्रतीक माना जाता है। इन सबके बीच अब पीले गोल्डन राइस का नया अवतार होने वाला है, जिसे खाने से कैंसर, मलेरिया, एड्स और इबोला जैसी खतरनाक बीमारियों से बचा जा सकता है।
क्रॉप केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से मुंबई के ताज होटल में आयोजित ‘एलाऊ गोल्डन राइस कैंपेन’ के दौरान यह बात सामने आई है। दुनियाभर में एलाऊ येलो गोल्डन राइस कैंपेन की टीम का नेतृत्व कर रहे फिलीपींस के वैज्ञानिक डॉ. पैट्रिक मूर का दावा है कि विटामिन ए की कमी बाल मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण है लेकिन गोल्डन राइस खाने से इसे दूर किया जा सकता है।
पीले गोल्डन राइस के सेवन से कैंसर, एड्स, मलेरिया और इबोला जैसी बीमारी से निपटा जा सकता है। मूर के मुताबिक अकेले भारत में 35 लाख बच्चे विटामिन ए की कमी से जूझ रहे हैं जबकि बीते दस साल में इससे संबंधित बीमारी से 1.4 लाख बच्चे मर चुके हैं।
अपने देश में तैयार नहीं होता गोल्डन राईस
उनका कहना है कि विश्व में दो लाख बच्चों की मौत विटामिन ए की कमी से होने वाली बीमारी से हो जाती है और करीब ढाई से पांच लाख बच्चे अंधेपन के शिकार हो जाते हैं। मूर का दावा है कि गोल्डन राइस को अपनाकर हम विटामिन ए की कमी का उन्मूलन कर सकते हैं।
पर, विडंबना यह है कि कोई देश एलो गोल्डन राइस के उत्पादन के लिए तैयार नहीं है। इसकी मुख्य वजह यह है कि यह जीएम क्रॉप है। कृषि क्षेत्र से जुड़े गैरसरकारी संगठन इसके विरोध में हैं।
क्रॉप केयर फाउंडेशन के रज्जू श्राफ का कहना है कि भारत में इस राइस के उत्पादन की जरूरत है क्योंकि इससे बच्चों में कुपोषण और विभिन्न रोगों की रोकथाम संभव है।