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अंतर्मुखी लोगों से जुड़ी पांच बातें नहीं जानते होंगे आप

Thu, 01 Aug 2013 05:46 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 01 Aug 2013 05:46 PM IST
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five myths about introvert personalities

अपने भावों की अभिव्यक्ति खुलकर न करने वाले यानी अंतर्मुखी लोग हमेशा किसी पहेली की तरह होते हैं। कई बार हम इनके व्यक्तित्व को लेकर कुछ ऐसी धारणाएं बना लेते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना ही नहीं है।

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आइए जानें, अंतर्मुखी व्यक्तित्व के लोगों से जुड़ी पांच बातें, जिनके बारे में अब तक नहीं जानते होंगे आप।

शर्मीले होते हैं अंतर्मुखी
शर्मीलापन और अंतमुर्खी व्यक्तित्व, दोनों बातें अलग-अलग हैं। जरूरी नहीं कि अंतर्मुखी व्यक्ति शर्मीला हो और हर शर्मीला व्यक्ति अंतर्मुखी हो। हफिंगटन पोस्ट में प्रकाशित साइकोलॉजी टुडे की लेखिका सुजैन कैन ने बताया कि बिल गेट्स इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण हैं। वे अंतमुर्खी हैं पर शर्मीले नहीं। वे चुप रहते हैं लेकिन उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं।
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सामाजिकता से भागते हैं

अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले लोग सामाजिक गतिविधियों से दूर रहते हैं, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो गलत है। दरअसल, सामाजिक अवसरों में सम्मिलित होना अंतमुर्खी लोगों को भी उतना ही पसंद है जितना किसी बहिर्मुखी व्यक्ति को होगा, बस उत्साह अभिव्यक्त करने का उनका तरीका अलग है। अंतर्मुखी व्यक्तित्व के लोग अपनी प्रसन्नता जाहिर करने से अधिक महसूस करने में संतुष्ट होते हैं लेकिन सामाजिक होना भी उनकी प्रसन्नता का हिस्सा है।
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प्रभावी नेता नहीं होते हैं
अब्राहम लिंकन से लेकर गांधी या फिर बिल गेट्स जैसी तमाम बड़ी शख्सियतें अंतमुर्खी रही हैं लेकिन ये सब अपने-अपने क्षेत्र की बड़ी क्रांतियों के दाता रहे हैं। यूएसए टुडे के एक शोध की मानें तो दस में से चार वरिष्ठ अधिकारी अंतमुर्खी व्यक्तित्व के धनी होते हैं।
 
नकारात्मक होते हैं
चूंकि अंतमुर्खी व्यक्तित्व के लोगों को दूसरों से घुलने-मिलने में समय लगता है इसलिए कई बार हम यह सोच बना लेते हैं कि उनमें नकारात्मकता जल्दी घर कर जाती है। इस बारे में डेंबलिंग ने हफिंगटन पोस्ट को बताया कि अकेलेपन की स्थिति में जब कोई बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाला इंसान होता है तो उसे अकेलेपन से घबराहट और अवसाद होती है पर यह अंतर्मुखी व्यक्तित्व के लोग अकेलेपन में खुश रहते हैं इसलिए ऐसी स्थिति में उनके मन में नकारात्मकता नहीं आती।


रचनात्मक होते हैं
अंतर्मुखी व्यक्तित्व के लोग अधिक रचनात्मक होते हैं, ऐसा अमूमन माना जाता है। लेकिन मनोवैज्ञानिक जोनाथन रॉन्च ने अपने शोध में माना है कि रचनात्मकता का अंतर्मुखी व बहिर्मुखी व्यक्तित्व के लोगों से कोई संबंध नहीं है।

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