गंदे लोगों में भी छुपी होती हैं ये अच्छी बातें, जानिए जरा
गंदे लोगों से दूरी कौन बनाना नहीं चाहेगा। शायद ही ऐसा कहीं होता हो कि कोई अपनी फ्रेंडलिस्ट में गंदे लोगों को पसंद करता हो, उन्हें फॉलो करता हो। गंदे लोगों से हमारा मतलब है ऐसे लोग जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर गलत, क्रिमिनल और सेक्सुअल एक्टिविटीज में लिप्त हों।
समाज में ऐसे लोगों के प्रति नाकारात्मक नजरिया ही पाया जाता है लेकिन हाल में लोगों की भावनात्मक पहलू पर शोध करने वाले एक शोधार्थी एड कुक ने बताया कि गंदे लोग ज्यादातर सेक्सुअल एक्टीविटीज में व्यस्त होते हैं, ये कुछ न करते वक्त भी दिमाग में सेक्स के बारे में सोचते रहते हैं। नतीजतन, इन दौरान ये पूरे इंटरेस्ट के साथ होते हैं।
निगेटिव थॉट्स वाले इन लोगों के साथ पॉजिटिव आउटकम ये होता है कि इनकी मेमोरी तेज होती जाती है। जिससे फैक्ट्स को याद करना आसान हो जाता है।
क्या आप जानते हैं आलसी लोगों की खूबी?
दुनिया के सबसे रईस लोगों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के मालिक बिल गेट्स ने एक बार कहा था कि मुश्किल काम के लिए मैं आलसी लोगों को चुनता हूं, क्योंकि एक आलसी व्यक्ति मुश्किल काम को करने के लिए एक आसान तरीका ढूंढ़ लेता है।
इस तथ्य पर लगे शोधार्थी भी अब मान रहे हैं कि आलसी लोग किसी भी काम को न सिर्फ आसान तरीके से करने बल्कि कम मेहनत और समय खपाने का भी रास्ता खोज लेते हैं। आलसी लोग हमेशा लास्ट मिनट पर किसी भी काम में सक्रिय होने पर विश्वास करते है, इसलिए इन्हें लास्ट मिनट प्रेशर को हैंडल करने का अच्छा-खासा अनुभव हो जाता है।
ये पहले से ही सभी कामों के सारे शॉर्ट कट्स ढूढ़ कर रख लेते हैं। यानी ये लोग सबसे ज्यादा रिसोर्सफुल होते हैं। आलसी लोग किसी काम को निपटाने के लिए तमाम विचारों के पीछे नहीं भागते। शारीरिक तौर पर कम काम करने पर होता ये है कि इनका दिमाग ज्यादा सक्रिय हो जाता है।
आलसी लोग हमेशा सुकून से रहते पाए जाते हैं इन्हें किसी काम की जल्दबाजी नहीं होती है। बहुत ज्यादा जरूरी न हो तो ये अपने बिस्तर या चेयर से उठना मुनासिब नहीं समझते हैं। आलसी लोग किसी भी काम को बेवजह ज्यादा घसीटना पसंद नहीं करते हैं इसलिए, ये अपने काम को टॉप स्पीड से कर डालते हैं। इसलिए अगर आप आलसी है तो ये भी आपकी खूबी हो सकती है।
आपको पता है मोटे लोगों का ये प्लस प्वॉइंट?
अमूमन पतले लोग मोटे लोगों का मजाक उड़ाते नजर आते हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता होता है कि मोटे लोगों के मुकाबले उनकी स्थिति ज्यादा दैनीय है। क्योंकि ये बात हमारे बड़े-बुजुर्ज भी कह चुके हैं और अब दुनिया भर में हो रहे शोधों से भी भी पता चल रहा है कि मोट लोग ज्यादा खुश रहते हैं, और हस्ते-खाते लोगों से हिल-मिल कर हते ज्यादा आनंद पूर्वक जीवन जीते हैं।
हां ये सही है कि मोटे लोग देखने में उतने अच्छे नहीं लगते है, इनका मोटापा और वजन इनके वसा जीन के कारण बढ़ता है लेकिन ये इनके लिए वसा नहीं बल्कि खुश करने वाला जीन साबित होता है। क्योंकि ये लोगों सामाजिक और व्यवहारिक तौर पर ज्यादा उन्नत होते हैं। और लोगों से मिल-जुल कर रहना पसंद करते हैं।
कनाडा के मैकमास्टर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया गया कि मोटापा मुख्य तौर पर एक आनुवंशिक लक्षण है। इस अध्ययन में 21 देशों के प्रतिभागियों के 17,200 डीएनए नमूनों का विश्लेषण किया गया। जिसमें यही पाया गया कि मोटे लोग, पतले लोगों के मुकाबले ज्यादा खुश रहते हैं।
जिन्हें आप इमोशनल फूल कहते हैं, उनकी ये खूबी आपको दंग कर देगी।
कहते हैं भावनाओं के आदान-प्रदान से ही रिश्तों में मजबूती आती है। घर-परिवार, ऑफिस, दोस्तों के बीच, हर जगह हम भावनाओं के आदान-प्रदान से ही एक दूसरे को सुनते हैं, समझते हैं और काम करते हैं। लेकिन ये भी सच है कि दिन-ब-दिन आधुनिक होता ये दौर अब लोगों के जज्बातों पर भारी पड़ने लगा है।
भावुक लोगों को इमोशनल फूल समझा जाने लगा है। यानी आपका जज्बाती होना आपको नेगेटिव कैटेगरी ला खड़ा कर सकता है। लेकिन घबड़ाइए मत। एक शोधकर्ता डेनियल गोलमैन के ताजा सर्वे में पता चला है कि एक भावुक इंसान ही अच्छा नेता बन सकता है।
वजह साफ है कि आप भावुक है तो आप अंदर उमड़ते विचारों, उलझनों और उपायों से अच्छे से वाकिफ होंगे, यानी आप अपने बारे में पूरी जानकारी रखेंगे। अपने बारे में सही जानकारी है तो दूसरों की गतिविधियों से उनका आकलन करना आसान हो जाता है। यानी आपके अंदर दूसरों के भावनात्मक पहलू को भी छू सकते की क्षमता होती है।
जाहिर है, जब आप इस खूबी को जान लेते हैं तो आपको जिंदगी में हर कदम पर लीड करने के लिए तैयार हो जाते है। और आपका भावुक होना आपको एक अच्छा लीडर बना देता है। किसी ने कहा भी है कि अगर आप खुद को नहीं जानते हैं तो आप दूसरों को नहीं समझ सकते हैं।
सर्वे में बताया गया है कि भावुक लोग ज्यादा आत्मविश्वासी और व्यवहारिक होते हैं और दूसरों के लिए अच्छे प्रेरणा श्रोत होते हैं। ये लोग खुद के प्रति हमेशा ईमानदार होते हैं। और ईमानदार लोगों पर कहीं भी भरोसा जताया जा सकता है। तो अब इन्हें इमोशनल फूल नहीं बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंट कहिए।
जानिए महत्वाकांक्षी लोगों का महत्व
महत्वाकांक्षी का सीधा मतलब है कि हर चीज के महत्व को बारीकी से समझ लेना और फिर अपने करियर या लाइफ स्टाइल के मुताबिक महत्वपूर्ण चीजों को अपने ऊपर लागू करना। यानी जीवन में अगर कुछ कर गुजरने की महत्वाकांक्षा है तो जरूर सफल होंगे। लेकिन जब महत्वाकांक्षा ही नहीं है तो लाइफ का बोरिंग होना लाजमी है।
लेकिन ये भी सच है कि भागम-भाग के इस जमाने में लोगों को ने अपने आप को चीजों में इतना उलझा लिया है कि चीजों का महत्व समझ पाना मुश्किल हो गया है। हद तो ये है कि जो लोग महत्वाकांक्षी होते हैं भी, उन्हें आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता है। यानी महाकांक्षी होना भी आजकल निगेटिव चश्मे से देखा जाने लगा है।
लेकिन हैरान मत होइए। क्योंकि महत्वाकांक्षी होने का सीधा मतलब है इन रास्तों से होकर गुजरना। पहला-महत्वाकांक्षी कोई तभी होता जब वो अपने प्रति ईमानदार हो, उसमें आत्मविश्वास हो, मुश्किल काम को अंजाम देने का जज्बा हो, लगन हो, सामाजिक स्तर पर व्यवहारिक हो, किसी भी काम का असर क्षणिक नहीं बल्कि दीर्घ कालिक रुप में देखता हो, और प्रकृति, वातावरण और जीव-जन्तुओं तक की परवाह करता हो।
तो देखा आपने, अगर आप महत्वाकांक्षी है और इसके लिए आपको तरह-तरह के तंज सहने पड़ते है तो मायूस मत होइए, आप में दूसरों को प्रेरणा देने की अटूट ताकत है।
चिंताग्रस्त और डरे हुए लोग
अगर आपको लगता है कि आप अक्सर चिंताग्रस्त रहते हैं तो अब आपकों डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपका चिंताग्रस्त होना ये साबित करता है कि आप अपने साथ घट रही चीजों से संतुष्ट नहीं हैं।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि ये नाकारात्मक विचार है। क्योंकि हाल ही में एक सर्वे में पाया गया कि जो लोग विलक्षण प्रतिभा के धनी होते हैं वो हमेशा किसी भी काम को उसकी शीर्ष श्रेणी में ही देखना पसंद करते हैं। ऐसे में ज्यादातर चिंताग्रस्त होना स्वाभाविक है।
हाल ही में कनाडा के ओंटारियो के लेकहेड विश्वविद्यालय में मनोवैज्ञानिक सिकंदर पेनी और उनके सहयोगियों ने 100 से ज्यादा छात्रों पर सर्वेक्षण किया, और चिंता के अपने स्तर को रिपोर्ट करने के लिए कहा।
शोधर्थियों ने पाया कि उन छात्रों ने मौखिक टेस्ट में ज्यादा अंक हासिल किए जो कहते थे कि मैं हमेशा किसी न किसी चीज के बारे में चिंताग्रस्त रहता हूं।