अक्सर रहता है पैरों में दर्द, हो सकती हैं ये दिक्कतें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुबह से लेकर शाम तक एक छोटे से पांव पर चलती रहती है हमारी जिंदगी। दौड़ लगाने की बात हो या कहीं भी जाने की। पूरे दिन, हर दिन, बिना रुके, इन्हीं पांवों पर चलती रहती है जिंदगी।
इसके बावजूद हम अपने पैरों से संबंधित छोटी-मोटी समस्याओं को तब तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जब तक की समस्या गंभीर न हो जाए।
अमेरिकन पोडियाट्रिक्स मेडिकल एसोसिएशन के एक शोध के मुताबिक हर साल लगभग 75 फीसदी लोग कम-से-कम पैर की एक समस्या का सामना करते ही हैं। उनमें से कुछ खास समस्याएं ये हैं।
अंगूठे का बड़ा होना
बनियंस यानी अंगूठे के जोड़ की हड्डी बढ़ना, यह उन लोगों में अधिक होती है, जो कसे पंजे वाले जूते पहनते हैं।
इसकी वजह से चलते या दौड़ते समय जोड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे अंगूठे की हड्डी बढ़ने लगती है और पैरों में दर्द रहने लगता है। कुछ लोगों में यह समस्या वंशानुगत हो सकती है।
क्या करें - दर्द से राहत के लिए बर्फ व एंटी-इंफ्लामेटरी दवाएं फायदेमंद रहेंगी। यदि दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो इसके लिए बड़े टो वाले जूते पहनें। इसके अलावा एक हाथ से अपने बढ़े हुए अंगूठे को बगल की अंगुली के विपरीत तरफ खींचें और दूसरे हाथ से मालिश करें।
तलवे का दर्द
प्लान्टर फैसीआइटिस पैरों से संबंधित एक मुख्य ऑर्थोपेडिक समस्या है, जिसमें पैर के तलवे के टिश्यूज में सूजन आ जाती है। इसके चलते पैर के तलवे से लेकर घुटनों तक तेज दर्द होता है।
वैसे तलवे में दर्द की शिकायत ज्यादातर धावक या एथलीट्स को होती है। इसका कारण अभ्यास के दौरान पैर व एंकल को ज्यादा खींचना और घुमाना है। कई बार गलत शेप का जूता पहनने से पैरों के पंजे में खिंचाव पैदा होता है। जिसके कारण पैर में गलत दबाव बनता है।
क्या करें - इससे राहत पाने के लिए पैर के नीचे गोल्फ बॉल या ठंडे पानी की बॉटल को दबाकर घुमाएं। साथ ही अपने जूते के अंदर मेटाटरसल पैड लगाएं। जूते के दबाव को कम करने के लिए जूते को उतारें और पैरों को कुछ देर के लिए खुला छोड़ दें।
अंगुलियों के बीच दर्द
इसके चलते पैर के तलवे में चुभन का एहसास होता है। इसे न्यूरोमा कहा जाता है। यह नसों के बढ़ने के कारण होता है। यह समस्या बेढंगे जूते पहनने की वजह से भी होती है।
क्या करें - इसके लिए मेटाटारसल पैड का प्रयोग भी लाभदायक साबित हो सकता है, क्योंकि यह नसों में खिंचाव कम करने में सहायक होता है। इसके बाद भी यदि आराम न मिले, तो डॉक्टर की सलाह लें। अंगूठे को खींचने से भी राहत मिल सकती है।
इसके लिए कुर्सी पर बैठकर एक पैर को समतल जमीन पर रखें और दूसरे पैर को कुर्सी के नीचे की तरफ करते हुए अंगूठे के ऊपरी हिस्से को 20-30 सेकंड के लिए जमीन की तरफ झुकाएं। साथ ही अंगूठे के ऊपरी हिस्से पर मालिश करें। स्पंजी व समतल शूज, जिसमें कम हील हो, पहनें।
टखने के ऊपर दर्द
कई बार दौड़ते या चलते समय पैरों में चुभन-सी महसूस होती है। यह होता है जूतों के लैसेज कसकर बांधने से, क्योंकि इससे नसों पर दबाव बनता है।
इसकी वजह से पूरे पैर के निचले हिस्से में रक्तसंचार बाधित होने लगता है, जिससे दर्द बढ़ता है।
क्या करें - पैर की नसों से दबाव हटाने के लिए शूज के ऊपर के दो से तीन छेद से लैसेज निकाल दें। इसके बाद भी राहत न मिले, तो पोडियाट्रिस्ट को दिखाएं।
एकिलेस टेंडन्स में दर्द
काफी समय तक दौड़ते या चलते रहने से एकिलेस टेंडन्स में सूजन आ जाती है। खासकर तब जब आप छोटे शूज पहनकर दौड़ रहे हों या चल रहे हों। इसकी वजह से दर्द होता है।
क्या करें - इससे बचने के लिए एकिलेस व पिंडली को आरामदायक अवस्था में रखें। दिन भर में कम-से-कम 15-20 मिनट एकिलेस पर बर्फ रखें। साथ ही सूजन कम करने वाली दवाइयां लें। सीढ़ी पर खड़े होकर एड़ी को जमीन की ओर दबाएं और दस बार गहरी सांस लें। इसे सप्ताह में दो बार करें।
वरिष्ठ आर्थोस्कोपिक सर्जन, डॉ. टी श्रृंगारी का कहना है कि एड़ियों में दर्द की बड़ी वजह प्लांटर फेसिटिस होता है। दरअसल, तलवों में तंतुमय ऊतकों का जाल होता है, जो पैरों के तलवों को मोड़ने में मदद करते हैं। इसमें भारीपन और आवश्यकता से अधिक खिंचाव हो, तब टिश्यूज में तरल द्रव्य एकत्र हो जाता है। जिसके कारण तलवों में दर्द रहता है।
इसके अलावा एड़ियों में दर्द, स्ट्रेस फ्रैक्चर, तलवों में आई सूजन, टेंडनाइटिस अर्थराइटिस और नसों को पहुंची क्षति आदि के कारण भी होता है। कुछ लोगों में यह परेशानी सिस्ट यानी पुटी के कारण भी होती है।