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कहीं डिप्रेशन से बदल न जाए आपका डीएनए

Thu, 30 Apr 2015 04:19 PM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 04:19 PM IST
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depression changes your dna

क्या आप जानते हैं कि डिप्रेशन के कारण आपके डीएनए का स्वरूप किस कदर बदल जाता है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ.जोनाथन फ्लिंट और उनकी टीम की खोज के मुताबिक यह सामने आया है कि डिप्रेशन के चलते हमारे शरीर के माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए का स्वरूप बदल सकता है।

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इस शोध को करने के लिए कई चीनी महिलाओं को चुना गया और जब नतीजों की तुलना मानसिक रूप से स्वस्थ लोगों के डीएनए के साथ की गई तो सामने आया कि तनाव ग्रसित महिलाओं के माइटोकॉन्ड्रिया में डीएनए की मात्रा ज्यादा है जो शरीर में भोजन को ऊर्जा में बदलता है। इसी कारण डिप्रेशन की हालत में अधिक ऊर्जा की जरूरत पड़ती है।
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जानलेवा हो सकता है नतीजा

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शोध में यह भी सामने आया कि डिप्रेशन बढ़ने से क्रोमोजोम को जोड़ कर रखने वाले टेलोमेर भी घटने लगते हैं। यह घटते हुए टेलोमेर इंसान की जान भी ले सकते हैं। डॉ का अनुमान है कि यह दोनो स्थितियां भविष्य में तनाव से जूझने वालों के लिए सर्वाधिक प्रभाव जैसे होंगी।

हालांकि यह बदलाव कुछ समय के लिए ही रहते हैं और डिप्रेशन से बाहर आने के बाद वापस अपने रूप में आ जाते हैं। तनाव मुक्त वातावरण में रहने से इंसान का शरीर सामान्य रूप से काम करने लगता है जिससे माइटोकॉन्ड्रिया में डीएनए की मात्रा भी संतुलित होने लगती है। डॉ फ्लिंट के मुताबिक जल्द ही ऐसी दवाएं खोज ली जाएंगी जिनसे डीएनए के स्वरूप को बदलने और टेलोमेर को घटने से रोका जा पाएगा।

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