फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Lifestyle Archives ›   control excess television and internet surfing

नेट हो या टीवी, सब पर कंट्रोल जरूरी

Fri, 12 Apr 2013 05:50 PM IST
पूनम सिंह
पूनम सिंह Updated Fri, 12 Apr 2013 05:50 PM IST
विज्ञापन
control excess television and internet surfing
टीवी और कंप्यूटर की पहुंच आज लगभग हर घर में है। ऐसे में अगर हम यह सोचें कि हमारे बच्चे टीवी ना देखें या वे कंप्यूटर से दूर रहें, तो यह असंभ्ाव ही लगता है।
विज्ञापन


एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई है कि मेट्रो शहरों के 7-11 साल तक की उम्र के लाखों बच्चे रोजाना औसतन पांच घंटे से अधिक समय इंटरनेट पर बिताते हैं या फिर टीवी से चिपके रहते हैं। शोध की मानें, तो नेट का इस्तेमाल बच्चे पढ़ाई संबंधी मदद के लिए कम, चैटिंग और गेम खेलने के लिए ज्यादा करते हैं।
विज्ञापन

 
मनोचिकित्सक डॉ. समीर पारिख कहते हैं, 'सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में नई टेक्नोलॉजी के बारे जानना या  सीखना जरूरी है, लेकिन यह एक उम्र के बाद ही ठीक है। हालांकि यह समस्या शहरीकरण से पैदा हुई है। अगर बच्चे के माता-पिता दोनों ही नौकरी करते हैं, तो ऐसे में बच्चे को लंबे समय तक अकेले रहना पड़ता है। फिर समय बिताने के लिए उसे इंटरनेट के रूप में एक दोस्त मिल जाता है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं, ऐसे बच्चों में सामाजिक संवेदनशीलता की भी कमी देखी गई है। उनकी दुनिया सिर्फ टीवी और कंप्यूटर तक ही सीमित होकर रह जाती है। उन्हें इस बात का ज्ञान ही नहीं रहता कि लगातार कंप्यूटर या टीवी का स्क्रीन देखते रहने से आंखों पर जोर पड़ता है।

सिर में दर्द की शिकायत हो सकती है। काफी देर तक कुर्सी पर बैठने से पीठ में तकलीफ हो सकती है। इन सारी बातों से बच्चों को रूबरू करना जरूरी है, ताकि वे बेहूदा चीजों और तथ्यों में फर्क कर सकें।'

रखें निगरानी
ऐसा नहीं है कि बच्चे को कंप्यूटर और इंटरनेट की पहुंच से दूर रखना चाहिए। आप ये साधन भले ही उपलब्ध करवाएं, पर साथ ही उनको जरूरी हिदायत भी दे दें।

कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर भी आ चुके हैं, जिनकी मदद से आप यह जान सकती हैं कि आपका बच्चा कितनी देर सर्फ करता है आैर किन साइट्स पर जाता है।

फेसबुक पर यदि उसका कोई एकाउंट है, तो आप भी उससे अटैच रहें, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रख सकें। टीवी के मामले में भी पेरेंट्स को देखना पड़ेगा कि बच्चा जो प्रोग्राम देखे वह ज्ञानवर्द्धक हो और स्वस्थ मनोरंजन कर सके। साथ ही टीवी देखने का समय भी निश्चित कर दें। अगर संभव हो, तो आप टीवी देखते समय उसके साथ बैठें।

इन बातों का भी रखें ध्यान
- जब आप का बच्चा घर पर हो, तो उस पर नजर रखें कि वह टीवी और इंटरनेट पर किन तरह की चीजों को देख रहा है। अगर बेहतर आदर्श स्थापित करना चाहती हैं, तो स्वयं भी बच्चों के सामने टीवी और इंटरनेट पर ज्यादा समय न लगाएं।

- कोई भी प्रोग्राम देखने की इजाजत देने से पहले माता-पिता को कार्यक्रम की रूपरेखा और उसका उद्देश्य पता होना चाहिए। बच्चों को ऐसे कार्यक्रम देखने के लिए प्रोत्साहित करें, जो इतिहास, नैतिक मूल्यों, महान हस्तियों की जीवनी, पर्यावरण से संबंधित कार्यक्रमों पर आधारित हों।  


- बच्चों के साथ ज्यादा-से ज्यादा समय बिताएं। कुछ आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रेरित करें। इससे उसका ध्यान बेकार की चीजों में नहीं लगेगा।

- बच्चों के देखे जाने वाले कार्यक्रमों की लिस्ट बना लें और यह जरूर ध्यान दें कि बच्चे किसी प्रकार के हिंसक कार्यक्रमों को न देखें।                                   

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed