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इस 'मदर्स डे' पर सेलेब्रिटीज दे रहे हैं मां को यह खास तोहफा
आनंद गोविंद भट्ट/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 12 May 2013 11:09 AM IST
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जिंदगी का हर दिन सेलिब्रेट होना चाहिए। आज की लाइफस्टाइल में यह कहना आसान है, पर करना शायद थोड़ा मुश्किल। इसीलिए मदर्स डे जैसे कई दिन हैं जिनके बहाने हम अपने परिवार, दोस्तों, पति या प्रेमी के लिए एक पूरा दिन या खास समय निकाल पाते हैं।
बॉलीवुड के सेलेब्स भी यह बात मानते हैं कि वे अपनी मां के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते। फिर भी वे कोशिश करते हैं कि मदर्स डे खास तरह से मनाया जाए।
मां को पंचगनी घुमाने ले जाना हैः प्राची देसाई (एक्ट्रेस)
हम कभी भी अपनी मां के सपनों को महत्व नहीं देते। जबकि मां अपने बच्चे की हर पसंद-नापसंद का ख्याल रखती है। उसके सपनों को पूरा करने के लिए सब कुछ त्याग कर देती है। इसके बावजूद हम कभी अपनी मां की दिल की बात को जानने की कोशिश नहीं करते।
मेरी मां भी हमारी खुशी के लिए अपना कैरियर ऐर घर दोनों का त्याग कर मुंबई में आकर हमारे साथ रहने लगीं। लेकिन अब मैं मां को खुशी देना चाहती हूं। इसलिए मैं इस बार अपनी मां को पंचगनी दिखाने ले जाना चाहती हूं। उस जगह से मेरी मां की बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। उस जगह से उनको बेहद लगाव है।
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मां के लिए करना है कुछ खासः रागिनी खन्ना (टीवी एक्ट्रेस)
मैं मां को लेकर क्या कहूं। आज जैसी भी हूं, उसी की वजह से। उन्होंने अपने जीवन में बहुत परेशानी झेली, पर हमें कभी परेशान नहीं होने दिया। अगर मैं मोटिवेटेड हूं, पॉजीटिव हूं और हमेशा हंसती दिखाई देती हूं, तो मानिए कि यह सब मां की वजह से ही है।
मैं जब दुनिया में आई, तो कोरे कागज की तरह थी। मां ने स्याही से मेरे अंदर रंग भरे। मां ने मुझे तीन चीजें सिखाईं, जीवन से हारना नहीं, मायूस नहीं होना और कोशिशें नहीं छोड़ना। बस इसी फॉर्मूले पर मेरी लाइफ चल रही है।
मेरे ख्याल से हर जगह भगवान नहीं हो सकता था, इसलिए उसने मां की रचना कर डाली, जो आज हमारे लिए प्रकृति का उपहार ही है। इसलिए मैं अपनी मां के लिए कुछ खास करना चाहती हूं और उनको खुश देख्ाना चाहती हूं।
कभी मां को जवाब नहीं दियाः सास्वती सेन (प्रख्यात कथक नृत्यांगना)
हमारा पूरा परिवार डॉक्टरों से भरा रहा है। पापा और ताऊ तो नामी डॉक्टर थे ही, कई रिश्तेदार भी डॉक्टर थे। ऐसे में घर में कोई डांस सीखने की इच्छा व्यक्त करे तो कैसे।
जब मेरी इच्छा मां को पता चली, तो उन्होंने मेरी इच्छा को मना नहीं किया। वह खुद गुरु जी के पास मुझे लेकर गईं और मैं कथक सीखने लगी। यही नहीं वह हमेशा गुरुजी से मेरी परफॉर्मेन्स के बारे में पूछती रहती थीं।
वह तो डांस की एबीसीडी तक नहीं जानती थी, पर मेरी सबसे बड़ी क्रिटिकल एनालाइजर थीं। वह डांस की टेक्नीकल गलतियां नहीं बता पाती थीं, पर यह बात जरूर कहती थीं, ‘तुम हांफ क्यों गई थीं, तुम स्टेप में सधी क्यों नहीं थीं...वगैरह-वगैरह।’ वो मेरे डांस के बारे में जो भी आलोचनात्मक टिप्पणियां करती थीं, मुझमें सुधार लाने के लिए होती थीं। मैंने कभी अपनी मां को पलट कर जवाब नहीं दिया।
मां ने कभी भी मुझे किसी बात के लिए पैंपर या पुश नहीं किया। मां मुझसे तभी खुश होती थीं, जब मेरे प्रोग्राम की चर्चा हर जगह होती थी। दो साल पहले वह गुजर गईं, तो लगता है वह क्यों नहीं हैं? सचमुच मेरे जीवन में मेरे लिए किसी भी तरह की भागदौड़ हो, कॉस्ट्यूम लानी हो या रिहर्सल के लिए जाना हो, मां हमेशा मौजूद रही। जिसके लिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं।
मेरा सब कुछ मां के लिए हैः भारती सिंह (हास्य कलाकार)
मां से मैं सबसे ज्यादा अटैच्ड हूं। मां ने केवल मेरे लिए नहीं, बल्कि हम तीनों भाई-बहनों के लिए काफी संघर्ष किया है। इसलिए आज जो कुछ भी हूं, मां की वजह से।
मैं अपनी मां की खुशी के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं। उन्हें गोल्ड बहुत पसंद है। इसलिए जब मैंने अभी बर्थडे पर उन्हें सोने की लंबी माला भेंट की, तो वह बहुत खुश हो गईं। मैंने उनके नाम पर प्रॉपर्टी भी खरीदी है। वैसे तो मां ने मुझमें वे सारे गुण भरे हैं, जो एक लड़की में होने चाहिए। पर मैं उनसे अगर कुछ सीखना चाहती हूं, तो वह स्वादिष्ट खाना पकाना।
कुछ वक्त उन्हें भी दोः गीता कपूर (कोरियोग्राफर)
जब मुझे ऑन-स्क्रीन गीता मां का खिताब मिला, तो मुझे सुखद आश्चर्य हुआ और अच्छा भी लगा। पहले मुझे भी अटपटा लगा था, पर जब मैंने इस शब्द पर गौर किया, तो खुशी हुई, क्योंकि यह शब्द अपने आप में महान है।
मेरा मानना है कि हम अपने माता-पिता को कभी भी कुछ नहीं दे सकते। उन्हें जितना दें, कम ही होगा। मेरी मां मेरे लिए सब कुछ है। मेरी मां ने मुझे अपना पूरा समय दिया। आज यही समय मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजे है। मेरे पास वक्त ही तो नहीं है। न अपने लिए, न अपनी प्यारी मां के लिए।
इसलिए अगर मुझे अपने पेरेंट्स खासकर मां को कुछ देना होगा, तो मैं उन्हें टाइम दूंगी। हमारी लाइफ इतनी शॉर्ट है कि अगले पल में ही कुछ भी हो सकता है। ऐसे में उनके लिए वक्त निकाल सके, यह उनके लिए अच्छा गिफ्ट होगा।
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बॉलीवुड के सेलेब्स भी यह बात मानते हैं कि वे अपनी मां के लिए ज्यादा समय नहीं निकाल पाते। फिर भी वे कोशिश करते हैं कि मदर्स डे खास तरह से मनाया जाए।
मां को पंचगनी घुमाने ले जाना हैः प्राची देसाई (एक्ट्रेस)
हम कभी भी अपनी मां के सपनों को महत्व नहीं देते। जबकि मां अपने बच्चे की हर पसंद-नापसंद का ख्याल रखती है। उसके सपनों को पूरा करने के लिए सब कुछ त्याग कर देती है। इसके बावजूद हम कभी अपनी मां की दिल की बात को जानने की कोशिश नहीं करते।
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मेरी मां भी हमारी खुशी के लिए अपना कैरियर ऐर घर दोनों का त्याग कर मुंबई में आकर हमारे साथ रहने लगीं। लेकिन अब मैं मां को खुशी देना चाहती हूं। इसलिए मैं इस बार अपनी मां को पंचगनी दिखाने ले जाना चाहती हूं। उस जगह से मेरी मां की बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। उस जगह से उनको बेहद लगाव है।
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मां के लिए करना है कुछ खासः रागिनी खन्ना (टीवी एक्ट्रेस)
मैं मां को लेकर क्या कहूं। आज जैसी भी हूं, उसी की वजह से। उन्होंने अपने जीवन में बहुत परेशानी झेली, पर हमें कभी परेशान नहीं होने दिया। अगर मैं मोटिवेटेड हूं, पॉजीटिव हूं और हमेशा हंसती दिखाई देती हूं, तो मानिए कि यह सब मां की वजह से ही है।
मैं जब दुनिया में आई, तो कोरे कागज की तरह थी। मां ने स्याही से मेरे अंदर रंग भरे। मां ने मुझे तीन चीजें सिखाईं, जीवन से हारना नहीं, मायूस नहीं होना और कोशिशें नहीं छोड़ना। बस इसी फॉर्मूले पर मेरी लाइफ चल रही है।
मेरे ख्याल से हर जगह भगवान नहीं हो सकता था, इसलिए उसने मां की रचना कर डाली, जो आज हमारे लिए प्रकृति का उपहार ही है। इसलिए मैं अपनी मां के लिए कुछ खास करना चाहती हूं और उनको खुश देख्ाना चाहती हूं।
कभी मां को जवाब नहीं दियाः सास्वती सेन (प्रख्यात कथक नृत्यांगना)
हमारा पूरा परिवार डॉक्टरों से भरा रहा है। पापा और ताऊ तो नामी डॉक्टर थे ही, कई रिश्तेदार भी डॉक्टर थे। ऐसे में घर में कोई डांस सीखने की इच्छा व्यक्त करे तो कैसे।
जब मेरी इच्छा मां को पता चली, तो उन्होंने मेरी इच्छा को मना नहीं किया। वह खुद गुरु जी के पास मुझे लेकर गईं और मैं कथक सीखने लगी। यही नहीं वह हमेशा गुरुजी से मेरी परफॉर्मेन्स के बारे में पूछती रहती थीं।
वह तो डांस की एबीसीडी तक नहीं जानती थी, पर मेरी सबसे बड़ी क्रिटिकल एनालाइजर थीं। वह डांस की टेक्नीकल गलतियां नहीं बता पाती थीं, पर यह बात जरूर कहती थीं, ‘तुम हांफ क्यों गई थीं, तुम स्टेप में सधी क्यों नहीं थीं...वगैरह-वगैरह।’ वो मेरे डांस के बारे में जो भी आलोचनात्मक टिप्पणियां करती थीं, मुझमें सुधार लाने के लिए होती थीं। मैंने कभी अपनी मां को पलट कर जवाब नहीं दिया।
मां ने कभी भी मुझे किसी बात के लिए पैंपर या पुश नहीं किया। मां मुझसे तभी खुश होती थीं, जब मेरे प्रोग्राम की चर्चा हर जगह होती थी। दो साल पहले वह गुजर गईं, तो लगता है वह क्यों नहीं हैं? सचमुच मेरे जीवन में मेरे लिए किसी भी तरह की भागदौड़ हो, कॉस्ट्यूम लानी हो या रिहर्सल के लिए जाना हो, मां हमेशा मौजूद रही। जिसके लिए मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं।
मेरा सब कुछ मां के लिए हैः भारती सिंह (हास्य कलाकार)
मां से मैं सबसे ज्यादा अटैच्ड हूं। मां ने केवल मेरे लिए नहीं, बल्कि हम तीनों भाई-बहनों के लिए काफी संघर्ष किया है। इसलिए आज जो कुछ भी हूं, मां की वजह से।
मैं अपनी मां की खुशी के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं। उन्हें गोल्ड बहुत पसंद है। इसलिए जब मैंने अभी बर्थडे पर उन्हें सोने की लंबी माला भेंट की, तो वह बहुत खुश हो गईं। मैंने उनके नाम पर प्रॉपर्टी भी खरीदी है। वैसे तो मां ने मुझमें वे सारे गुण भरे हैं, जो एक लड़की में होने चाहिए। पर मैं उनसे अगर कुछ सीखना चाहती हूं, तो वह स्वादिष्ट खाना पकाना।
कुछ वक्त उन्हें भी दोः गीता कपूर (कोरियोग्राफर)
जब मुझे ऑन-स्क्रीन गीता मां का खिताब मिला, तो मुझे सुखद आश्चर्य हुआ और अच्छा भी लगा। पहले मुझे भी अटपटा लगा था, पर जब मैंने इस शब्द पर गौर किया, तो खुशी हुई, क्योंकि यह शब्द अपने आप में महान है।
मेरा मानना है कि हम अपने माता-पिता को कभी भी कुछ नहीं दे सकते। उन्हें जितना दें, कम ही होगा। मेरी मां मेरे लिए सब कुछ है। मेरी मां ने मुझे अपना पूरा समय दिया। आज यही समय मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण चीजे है। मेरे पास वक्त ही तो नहीं है। न अपने लिए, न अपनी प्यारी मां के लिए।
इसलिए अगर मुझे अपने पेरेंट्स खासकर मां को कुछ देना होगा, तो मैं उन्हें टाइम दूंगी। हमारी लाइफ इतनी शॉर्ट है कि अगले पल में ही कुछ भी हो सकता है। ऐसे में उनके लिए वक्त निकाल सके, यह उनके लिए अच्छा गिफ्ट होगा।