{"_id":"c69d87551f4a8233a93080b4398d88a3","slug":"bullying-kids-increase-depression-risk-hindi-news-pp","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐसे बच्चों को अधिक होता है अवसाद का खतरा","category":{"title":"Lifestyle Archives","title_hn":"लाइफस्टाइल आर्काइव","slug":"lifestyle-archives"}}
ऐसे बच्चों को अधिक होता है अवसाद का खतरा
Updated Wed, 10 Sep 2014 11:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बार-बार अपने बड़े भाई-बहनों से डराए-धमकाए गए बच्चों में बड़े होने के बाद डिप्रेशन हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफोर्ड के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
विज्ञापन
ये अध्ययन क़रीब 7000 बच्चों पर किया गया है। उनसे 12 साल की उम्र में भाई-बहनों के उनके प्रति रवैए के बारे में पूछा गया। मसलन संवेदनशील भावनात्मक बातें, नज़रअंदाज किया जाना या उनके बारे में झूठ बोला जाना।
विज्ञापन
इन बच्चों पर 18 साल की उम्र तक नज़र रखी गई और उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया।
इस विषय पर काम कर रही एक चैरिटी संस्था के अनुसार माता-पिता को बच्चों के बीच सुलह करवानी चाहिए।
अध्ययन में शामिल अधिकतर बच्चों ने कहा था कि उन्हें इस तरह के अनुभवों से नहीं गुजरना पड़ा है।
इनमें से 18 साल की उम्र में 6.4 फ़ीसदी में अवसाद का स्तर महत्वपूर्ण था। 9।3 फ़ीसदी में तनावग्रस्तता थी और 7.6 फ़ीसदी में खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृति थी।
विज्ञापन
जिन 786 बच्चों ने ये कहा था कि उन्हें हफ़्ते में एक से ज़्यादा बार इस तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ता है, उनमें अवसाद से घिरना, तनावग्रस्त होना और खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृति दोगुनी थी।
इस समूह में 12.3 फ़ीसदी को अवसाद, 14 फ़ीसदी में खुद को नुकसान पहुंचाने की और 16 फ़ीसदी में तनावग्रस्त होने की प्रवृति थी।
लड़को की तुलना में लड़कियों में ये प्रवृतियां अधिक देखी गई। खासकर उन परिवारों में जहां तीन या उससे ज़्यादा बच्चे थे।