आपका शहर Close

भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा याददाश्त के रोग का मर्ज

Priyanka Padlikar

Priyanka Padlikar

Updated Mon, 30 Dec 2013 11:34 AM IST
bhu get patent for Alzheimer new medicine
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) को अल्ज़ाइमर की दवा बनाने का अमरीकी पेटेंट हासिल हुआ है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के आयुर्वेद विभाग को यह अमरीकी पेटेंट हासिल हुआ है।

तेज दिमाग से लेकर वजन घटाने तक, जानें मूंगफली के फायदे

अल्ज़ाइमर्स बुढ़ापे में होने वाली बीमारी। इसमें यादाश्त चली जाती है। उम्र बढ़ने के साथ ही इसका दुष्प्रभाव भी बढ़ता जाता है।

आयुर्वेद विभाग के प्रमुख डॉ. गोविंद प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि भारत में परंपरागत रूप से औषधीय गुणों वाले पौधौं से दवा बनाने का काम किया जाता रहा है।

इन्हीं परंपरागत औषधियों को आधार बनाकर विभाग ने ब्राह्मी कल्प, वराही कल्प और अम्ल वेतक नाम से अल्ज़ाइमर, पार्किंसन और बुढ़ापे को कम करने वाली दवाएं विकसित की गई हैं।

डॉ. गोविंद के अनुसार इन तीनों दवाओं का अमरीका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की स्टैंडर्ड लैबोरेट्री में परीक्षण कर इन्हें प्रमाणित किया गया है।

ब्राम्ही कल्प, वराही कल्प और अम्ल वेतक आयुर्वेदिक दवाओं का अमरीका की फ़ेडरल ड्रग एजेंसी (एफ़डीए) द्वारा मान्य प्रयोगशाला में परीक्षण भी किया गया।

बीएचयू अल्ज़ाइमर्स पेटेंट
बीएचयू की दवाइयों का जापान और ऑस्ट्रेलिया की लैब में भी परीक्षण किया गया।

डॉ गोविंद ने बताया कि इन दवाओं के चिकित्सकीय परीक्षण के लिए चार संस्थानों को अधिकृत किया गया है। ये हैं काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), एसआरएम यूनिवर्सिटी, आदेश यूनिवर्सिटी- भटिंडा और जिनोम फ़ाउंडेशन- हैदराबाद।

इन चार संस्थानों ने चेन्नई के अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड के साथ इन तीनों दवाओं की ग्लोबल मार्केटिंग के लिए समझौता किया है।

अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड अमरीका की फ़ेडरल ड्रग एजेंसी से अनुमति, प्रमाणन और प्रायोजन के साथ सभी ख़र्च वहन करने के लिए सहमत हो गई है।

अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड बीएचयू और अन्य सहयोगी संगठनों में दवा के निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवाएगी।

इसके संबंध में फ़ैसला बीएचयू के वाइस चांसलर पद्मश्री लालजी सिंह की अध्यक्षता में हुई बिज़नेस सेल की मीटिंग में लिया गया।

डॉ गोविंद कहते हैं कि ये दवाएं अल्ज़ाइमर, पार्किंसन और बुढ़ापे के असर को कम करने के अलावा अवसाद, अनिद्रा और स्मरण शक्ति के कमज़ोर होने पर प्रयोग में लाई जा सकती है।

वो दावा करते हैं कि इन दवाओं के प्रयोग का शरीर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

डॉ. गोविंद कहते हैं कि इन दवाओं के बाज़ार में आ जाने से इन बीमारियों के मरीज़ों और उनके परिजनों को काफ़ी राहत मिलेगी।
Comments

स्पॉटलाइट

'छोटी ड्रेस' को लेकर इंस्टाग्राम पर ट्रोल हुईं मलाइका, ऐसे आए कमेंट शर्म आएगी आपको

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: सपना चौधरी के बाद एक और चौंकाने वाला फैसला, घर से बेघर हो गया ये विनर कंटेस्टेंट

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा को बुलाने की सोच रहे हैं तो भूल जाइए, 5 मिनट के चार्ज कर रहीं 5 करोड़ रुपए

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

न्यूड योगा: बिना कपड़े पहने योग करती हैं ये एक्ट्रेसेज, जानेंगे फायदे तो आप भी होंगे इंप्रेस

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए निकाली बंपर वैकेंसी

  • शनिवार, 16 दिसंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!