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बच्चे करें टूथ ब्रश तो करोड़ों की बचत!
Updated Sun, 10 Nov 2013 03:30 PM IST
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बच्चों को रोजाना टूथ ब्रश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई एक योजना से ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में दांतों के इलाज पर होने वाले खर्च में करीब 60 लाख पाउंड यानी 60 करोड़ रुपए की बचत हुई है।
ब्रिटेन के स्कॉटलैंड के सभी नर्सरी स्कूलों में चाइल्डस्माइल योजना के तहत हर रोज़ देखरेख में बच्चों को मंजन कराने की पेशकश की गई थी। इसके लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया गया।
ग्लासगो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि इस योजना की वजह से साल 2001 से लेकर 2010 के बीच पांच साल तक के बच्चों में दांत की बीमारियों पर आने वाला खर्च आधे से ज़्यादा घट गया।
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इस कार्यक्रम की शुरूआत साल 2001 में की गई थी और इस पर हर साल करीब 18 लाख पाउंड यानी करीब 18 करोड़ रुपए का खर्च आता है।।
दमदार दांत
इस कार्यक्रम के तहत टूथ ब्रश करने के महत्व पर जोर दिया गया और बचपन से ही बच्चों में बेहतर खानपान की आदत डालने के लिए माता-पिता की मदद की गई।
इस दौरान कई नर्सरी और स्कूलों में फ्लोराइड वार्निश मुहैया कराया गया ताकि दांतों में सड़न न हो और प्राइमरी-एक और प्राइमरी-दो के बच्चों को ब्रश भी कराया गया।
स्कॉटलैंड सरकार ने इस योजना के मूल्यांकन के लिए धन मुहैया कराया और ग्लासगो विश्वविद्यालय ने इसका मूल्यांकन किया। अध्ययन में पाया गया कि इस कार्यक्रम के चलते काफी कम बच्चों को दांतों के इलाज की ज़रूरत पड़ी।
अध्ययन से यह भी पता चला कि बड़ी संख्या में बच्चों को दांतों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने और ऑपरेशन थिएटर के झंझटों से मुक्ति मिली।
सेहत के साथ बचत
लोक स्वास्थ्य मंत्री माइकल मैथसन का कहना है, "यह एक अद्भुत उपलब्धि है और इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मामूली सुधार से कितनी बचत की जा सकती है।"
उन्होंने कहा, "इस कारण बच्चों के दांतों की सड़न में कमी आई, दांतों का दर्द कम हुआ, रातों का जागना कम हुआ और बच्चों को स्कूल से कम छुट्टी लेनी पड़ी।"
मैथसन ने कहा, "नियमित रूप से अधिक बच्चों की जांच की जा सकती है क्योंकि अब कम सघन जांच की ज़रूरत है। इस योजना के चलते बच्चों के दांतों की सेहत पहले के मुकाबले काफी अच्छी है।"
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ब्रिटेन के स्कॉटलैंड के सभी नर्सरी स्कूलों में चाइल्डस्माइल योजना के तहत हर रोज़ देखरेख में बच्चों को मंजन कराने की पेशकश की गई थी। इसके लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया गया।
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ग्लासगो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि इस योजना की वजह से साल 2001 से लेकर 2010 के बीच पांच साल तक के बच्चों में दांत की बीमारियों पर आने वाला खर्च आधे से ज़्यादा घट गया।
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इस कार्यक्रम की शुरूआत साल 2001 में की गई थी और इस पर हर साल करीब 18 लाख पाउंड यानी करीब 18 करोड़ रुपए का खर्च आता है।।
दमदार दांत
इस कार्यक्रम के तहत टूथ ब्रश करने के महत्व पर जोर दिया गया और बचपन से ही बच्चों में बेहतर खानपान की आदत डालने के लिए माता-पिता की मदद की गई।
इस दौरान कई नर्सरी और स्कूलों में फ्लोराइड वार्निश मुहैया कराया गया ताकि दांतों में सड़न न हो और प्राइमरी-एक और प्राइमरी-दो के बच्चों को ब्रश भी कराया गया।
स्कॉटलैंड सरकार ने इस योजना के मूल्यांकन के लिए धन मुहैया कराया और ग्लासगो विश्वविद्यालय ने इसका मूल्यांकन किया। अध्ययन में पाया गया कि इस कार्यक्रम के चलते काफी कम बच्चों को दांतों के इलाज की ज़रूरत पड़ी।
अध्ययन से यह भी पता चला कि बड़ी संख्या में बच्चों को दांतों के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने और ऑपरेशन थिएटर के झंझटों से मुक्ति मिली।
सेहत के साथ बचत
लोक स्वास्थ्य मंत्री माइकल मैथसन का कहना है, "यह एक अद्भुत उपलब्धि है और इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मामूली सुधार से कितनी बचत की जा सकती है।"
उन्होंने कहा, "इस कारण बच्चों के दांतों की सड़न में कमी आई, दांतों का दर्द कम हुआ, रातों का जागना कम हुआ और बच्चों को स्कूल से कम छुट्टी लेनी पड़ी।"
मैथसन ने कहा, "नियमित रूप से अधिक बच्चों की जांच की जा सकती है क्योंकि अब कम सघन जांच की ज़रूरत है। इस योजना के चलते बच्चों के दांतों की सेहत पहले के मुकाबले काफी अच्छी है।"