लड़कियां क्यों पहनती हैं बालियां? हैरान कर देंगे ये फैक्ट्स
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कानों की बालियां न सिर्फ महिलाओं के श्रृंगार का जरूरी हिस्सा हैं बल्कि उनके सेहत के लिहाज से भी इनका बड़ा महत्व है।
न सिर्फ आयुर्वेद बल्कि लगभग हर पुरानी चिकित्सा पद्धति में कानछेदन और कानों में बालियों को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है।
अगर आप भी सेहत से जुड़े इनके फायदे जानना चाहते हैं तो पढ़ें इस खबर में।
प्रजनन और मासिक समस्याओं में मददगार
आयुर्वेद में महिलाओं के कानछेदन और कान में मौजूद सोने की बालियों को उनकी प्रजनन क्षमता और मासिक चक्र में मददगार माना गया है। यही वजह है कि आयुर्वेद में कान में सोने के आभूषणों का महत्व माना गया है।
तेज दिमाग और आंख, नाक व गला
एक्यूप्रेशर तकनीक में ईयर लोब यानी कानछेदन वाले भाग में वे प्वाइंट्स हैं जो दिमाग, कान, नाक व गला से संबंधित हैं।
चीन की प्राचीन सभ्यता में कानछेदन के माध्यम से इनके विकास पर बल दिया जाता था। एक्यूप्रेशर में कान के छेद से एक इंच ऊपर छेद करने से बैकपेन की समस्या के उपचार में मदद मिलती है।
ऊर्जा के लिए
गहनों में पत्थर
कान की बालियों या झुमकों में कीमती पत्थरों को लगाने का भी पुरानी चिकित्सा पद्धतियों में महत्व माना गया है। रूबी का प्रयोग मासकि चक्र संबंधी समस्याओं में आराम और प्रजनन क्षमता बढ़ाने में होता था वहीं इमराल्ड का इस्तेमाल गर्भपात से बचाव के लिए होता था।
इन पत्थरों को सोने व चांदी के तार में पिरोने से सेक्स क्षमता बढ़ाने की परंपरा भी चीनी चिकित्सा पद्धति में मानी गई है।