फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Jobs Archives ›   vacancy for assistant professor in up

असिस्टेंट प्रोफेसर बीएड के 1652 पदों पर भर्ती

Wed, 23 Apr 2014 12:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद, मेरठ Updated Wed, 23 Apr 2014 12:34 PM IST
विज्ञापन
vacancy for assistant professor in up

असिस्टेंट प्रोफेसर बीएड के लिए भी नेट अनिवार्य योग्यता होगी। यूजीसी के पत्र के बाद उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापित बीएड शिक्षक के लिए भी शिक्षा शास्त्र में नेट अनिवार्य कर दिया गया है। सिर्फ एमएड के आधार पर आवेदन करने वालों के फार्म निरस्त कर दिए जाएंगे। इसी तरह से बीपीएड तथा कई अन्य विषयों के लिए भी नेट अनिवार्य है।

विज्ञापन


आयोग ने अलग-अलग विषयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के 1600 से अधिक पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा है। शिक्षक भर्ती को लेकर यूजीसी की नई नियमावली के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) क्वालीफाई करने वाले ही इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन


यूजीसी की नियमावली 2009 के अनुसार पीएचडी या डीफिल करने वालों को ही नेट से छूट मिलेगी। इसके विपरीत बीएड, विधि, बीपीई आदि कई विषयों में सीधे नेट की सुविधा नहीं है। इस बाबत आयोग ने यूजीसी से अर्हता को लेकर सुझाव मांगे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

एमफिल वाले नहीं कर पाएंगे आवेदन

vacancy for assistant professor in up

इस पर यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि जिन विषयों या संबंधित सब्जेक्ट में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) की सुविधा है उनमें असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए इसे क्वालीफाई करना अनिवार्य योग्यता में शामिल होगा।

यूजीसी के निर्देश के अनुसार बीएड में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए शिक्षा शास्त्र में नेट करने वालों के ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके विपरीत पूर्व में आधारित योग्यता के आधार पर बड़ी संख्या में सिर्फ एमएड करने वालों ने भी आवेदन कर दिया है। आयोग के सचिव संजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में यूजीसी का पत्र वेबसाइट पर डाल दिया गया है। न्यूनतम अर्हता पूरी करने वालों के ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए एमफिल करने वाले भी आवेदन नहीं कर पाएंगे। यूजीसी की नई नियमावली के आधार पर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने सिर्फ एमफिल करने वालों के आवेदन नहीं स्वीकार करने का फैसला किया है।

एमए एजूकेशन हुआ एमएड के बराबर

vacancy for assistant professor in up

एमए एजूकेशन एमएड के बराबर हो गई है! कई विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एमए एजूकेशन को एमएड के बराबर मान लिया है। हाल में एडेड कॉलेजों में निकली लेक्चरर की नियुक्ति में एमए एजूकेशन वालों को भी मौका दिया है। इससे छात्रों का भला होगा। एमएड में मोटी फीस खर्च करने के बजाय प्राइवेट में कम खर्च में एमए करने से भी काम चल जाएगा।

प्रदेश सरकार ने हाल में एडेड कॉलेजों में 1652 असिस्टेंट प्रोफेसर की रिक्तियां निकाली हैं। इसमें बीएड लेक्चरर के लिए शैक्षिक योग्यता एमएड 55 फीसदी, पीजी एक विषय में 50 प्रतिशत, नेट या पीएचडी यूजीसी रेग्युलेशन 2009 के मुताबिक तय की है। अथवा एमए एजूकेशन 55 प्रतिशत, बीएड, नेट या पीएचडी यूजीसी रेग्युलेशन 2009 के मुताबिक मांगी है। इससे साफ है कि एमए एजूकेशन को एमएड के समान दर्जा दिया है।

एमएड की वजह से एमए एजूकेशन की पूछ नहीं हो रही थी, लेकिन अब होगी। एमएड में करीब 50 हजार रुपये खर्च करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हालांकि दोनों कोर्स अलग-अलग फैकल्टी में काउंट होते हैं। सीसीएसयू में एमए एजूकेशन आर्ट्स फैकल्टी में है। वहीं, एमएड एजूकेशन फैकल्टी में है। एमए करने वाले की पीएचडी आर्ट में होगी और एमएड करने वाले की पीएचडी एजूकेशन में होगी। आयोग समेत कई अन्य विवि ने भी नियुक्ति में एमए एजूकेशन को एमएड के बराबर माना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Job Alert News in Hindi related to government jobs, other jobs, job alert, career, new job, latest jobs notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Jobs and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed