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खुला नौकरी का पिटारा, 1,000 शिक्षकों की भर्ती
बृजेश सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 18 Nov 2013 01:26 PM IST
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विश्वविद्यालयों में अच्छे शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए यूजीसी ने पहली बार वैश्विक स्तर पर सीधे 1,000 शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला लिया है। भारतीय विश्वविद्यालयों के लिए नियुक्त होने वाले इन शिक्षकों का वेतन भी यूजीसी प्रदान करेगा।
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यूजीसी के अध्यक्ष वेद प्रकाश के अनुसार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे शिक्षकों का संकट दूर करने के लिए आयोग ने यह फैसला लिया है। दुनिया के तमाम देशों में भारतीय टैलेंट शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे लोगों को भी भारतीय विश्वविद्यालयों में पढ़ाने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि योजना के तहत दुनिया के विभिन्न देशों से भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों, संबंधित विश्वविद्यालय तथा यूजीसी के बीच त्रिपक्षीय समझौता होगा। इस योजना के तहत सहायक प्रोफेसर तथा प्रोफेसर दोनों पदों पर भर्ती की जाएगी।
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विदेशों से भर्ती होकर आने वाले शिक्षकों को वेतन यूजीसी के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया यूजीसी योजना के प्रथम चरण की शुरुआत कर चुका है। इसके तहत अभी तक 104 शिक्षकों की भर्ती की गई है।
शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए यूजीसी ने कुछ अन्य प्रयास भी शुरू किए हैं। इसके तहत विश्वविद्यालयों को 65 साल की उम्र में अवकाश प्राप्त करने वाले शिक्षकों को उनकी योग्यता तथा स्वास्थ्य के आधार पर दुबारा टीचर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। ऐसे अवकाश प्राप्त शिक्षकों सीधी भर्ती करके 80 हजार रुपये वेतनमान प्रदान किया जा रहा है।