'विश्वरूपम' को ऐसी पब्लिसिटी की जरूरत नहीं थीः कमल हासन
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फिल्म 'विश्वरूपम' के प्रमोशन के दौरान कमल हासन ने एक बार फिर यह बात दोहराई की उनकी विवादों में घिरी इस फिल्म में किसी धर्म के खिलाफ कुछ नहीं कहा गया है। उन्होंने सिर्फ आतंकवाद का चेहरा दिखाया है, जिसका कोई मजहब नहीं होता है इसलिए हर सच्चा मुसलमान मुझे और मेरी इस फिल्म को सपोर्ट करेगा। हसन ने यह भी बताया उन्हें हर धर्म के लोगों का प्यार हमेशा मिलता रहा है। उनका खुद का नाम भी बहुत हद तक मुस्लिम नाम से मेल खाता है। जिस पर उन्हें फक्र है। इसके अलावा भी कमल हासन ने बहुत कुछ कहा। आइए जानें कमल हासन का 'विश्वरूपम' के बारे में क्या कहना है।
हिंदी में यह फिल्म रिलीज़ हो गयी है, तमिल और तेलगु विश्वरूपंम की क्या स्थिति है?
मैं मुख्य मंत्री जयललिता का शुक्रगुज़ार जो उन्होंने मुझे तमिलनाडु में फिल्म के रिलीज़ का जल्द से जल्द आश्वाशन दिया है। आखिरकार एक कलाकार होने के नाते उन्होंने एक कलाकार का दर्द समझा।
क्या वजह रही जो जयललिता आपकी इस फिल्म के खिलाफ थी उन्हें क्यूं लगता था कि इस फिल्म के कुछ दृश्य किसी समुदाय की भावना को आहत करेंगे?
अब जब यह विवाद सुलझने की राह पर है तो अब मैं किसी के खिलाफ कुछ नहीं कहूँगा सिर्फ यही कहूँगा जो कुछ भी विवाद हुआ वह गलत जानकारी फैलने की वजह से हुआ।
बॉलीवुड से आपको कितना सपोर्ट मिला?
आप प्लीज हम लोगों को हिंदी सिनेमा तमिल सिनेमा इन सब में मत बाटिये। पूरी इंडस्ट्री एक परिवार की तरह है और सभी ने मुझे सपोर्ट किया है। महेश भट्ट, जावेद अख्तर (वो अगर फिल्म का हिस्सा नहीं भी होते तो मुझे सपोर्ट करते) से लेकर अमिताभ जी, आमिर खान और जीतू जी (जितेंद्र) का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जो उन्होंने इस मुश्किल की घड़ी में मेरा साथ दिया। कइयो ने तो उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में फिल्म के रास्ते में अड़चन आने पर वहां के नेताओं से भी मिलने के संकेत दिए। और हाँ, सलमान खान भी। दरअसल, 25 जनवरी से मुझे लगातार इतने फ़ोन आ रहे है कि मुझे सभी का नाम याद नहीं रह पा रहा है लेकिन हर सपोर्ट के लिए मैं शुक्रगुज़ार हूँ।
खबरें ऐसी भी आई थी कि आपकी जान को खतरा हैं और किसी ने आपको सचेत किया है?
हां, मुझे सचेत किया गया है। मैं उस व्यक्ति का नाम नहीं बताना चाहता क्योंकि इससे उनकी जिंदगी भी खतरे में चली जाएगी। लेकिन हां, मुझे अकेले यात्रा करने से मना किया गया है। मैं बता देना चाहूँगा कि मुझे मौत का डर नहीं है। मैं फिल्म निर्देशक और अभिनेता हूं। अगर मुझे फिल्म बनाने की इजाजत नहीं दी गई तो मैं वैसे भी मर ही जाऊंगा। यह ज्यादा आसन होगा। यह मेरी रचनात्मक हत्या होगी वैसे 30 जनवरी को मेरी हत्या के लिए अच्छा दिन था। महात्मा गांधी की हत्या भी उस दिन हुई थी। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता।
ऐसी भी बातें सामने आ रही हैं की करूणानिधि के करीबी होने के कारण आपको इस विवाद में घसीटा गया?
मुझे राजनीति समझ नहीं आती। मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूं। अगर मेरे कॅरिअर पर गौर करेंगे तो मैंने खुद को हमेशा राजनीति से दूर रखा है इसलिए मुझे नहीं लगता की मैं किसी राजनेता से दूर या करीब हूँ।
आपने देश तक छोड़ने की बात की थी, क्या अब भी आप आप देश छोड़ने के फैसले पर कायम है?
मैंने गुस्से में आकर देश छोड़ने की बात की थी, लेकिन मेरा मसकद यहां के लोगों से मिले प्यार की बेअदबी करना नहीं था। न मेरा विश्वास देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से डिगा है। मगर भविष्य में अगर ऐसा वाक्या दुबारा हुआ तो मैं यकीनन देश छोड़ दूंगा। मैं ऐसी जगह जाना चाहूँगा जहां मुझे अपनी कला को जारी रखने की अनुमति होगी। वैसे जहाँ भी रहूंगा मैं हमेशा भारतीय ही रहूँगा। मेरी यह पहचान मुझसे कोई नहीं छिन सकता है।
सरकार से अब आप क्या चाहते हैं?
अगर देश वाहन है तो कलाकार वाहन के आगे का बंपर। हमारा सम्मान होना चाहिए न की हमारा इस्तेमाल राजनीति के लिए करना चाहिए। इसके साथ मैं यह भी कहना चाहूँगा कि मैं अब और ज्यादा तकरार नहीं चाहता। यह थकाऊ, कष्टकर और अपमानजनक है। न केवल मेरे लिए बल्कि इस फिल्म से जुड़े कई अन्य लोगों के लिए। इस तरह की तकरार हमें कहीं नहीं ले जा रही है। मैं मेरे मुस्लिम भाइयों, ईसाई भाइयों, सिख भाईयों से अनुरोध करूंगा वे इस तरह की चीजों से बचें। हमें भारत को आगे ले जाने के लिए अभी बहुत कुछ करना है।
अब तक आपको कितना नुकसान उठाना पड़ा है और निजी तौर पर आप कितने आहत हुए?
फिल्म के निर्माण में 95 करोड़ रुपए का बजट लगा था। फिल्म की रिलीज में देरी के कारण मुझे 30 से 60 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है लेकिन प्रशंसकों का साथ रहा तो उस घाटे की पूर्ति हो जाएगी। जहाँ तक आहत की बात है मैं कई रातों से सोया नहीं हूँ। कल सिर्फ दो -तीन घंटे की नींद मिली। इससे आप मेरी स्थिति का अंदाज़ा लगा सकते हैं।
क्या आपको लगता है की यह विवाद बॉक्स ऑफिस पर आपकी फिल्म को कामयाब बनाने में कारगर हो सकता है?
यह बहुत ही बचकाना सवाल है कि इस विवाद ने फिल्म की ज़बरदस्त पब्लिसिटी कर दी है। मुझे नहीं लगता की इस फिल्म को इस तरह की पब्लिसिटी की ज़रूरत थी।
आखिर में आप अपने फैन्स से क्या कहना चाहेंगे?
मैं सभी को शुक्रिया अदा करना चाहूँगा। मैं इसमें अकेला नहीं लड़ रहा हूं, वो लोग मेरे साथ हर कदम पर रहे और हाँ आप ,मीडिया वाले जिन्होंने मेरी बात को सभी के सामने लाया।