फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   VHP, Bajrang Dal activists stop screening of Dilwale in Mangaluru

दिलवाले के विरोध से बौखलाई शाहरुख टीम कर रही है उल्टे-सीधे काम

Wed, 23 Dec 2015 12:35 PM IST
Updated Wed, 23 Dec 2015 12:35 PM IST
विज्ञापन
VHP, Bajrang Dal activists stop screening of Dilwale in Mangaluru

शाहरुख खान की फिल्म एक तो दर्शकों और समीक्षकों की कसौटी पर खरी नहीं उतरी, दूसरे उसकी प्रतिद्वंद्वी फिल्म सोमवार के कलेक्शन में आगे निकल गई। उधर, फिल्म ट्रेड में दिलवाले की टीम पर बाजीराव-मस्तानी के विरुद्ध नकारात्मक प्रचार करने के आरोप लगने लगे हैं। इसकी हर कोई भर्त्सना कर रहा है।

विज्ञापन


कामयाबी सब चाहते हैं। बॉलीवुड में सब मानते हैं कि सफलता के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं और प्रतिस्पर्द्धा निजी नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं होनी चाहिए। सब अपनी-अपनी फिल्में बनाते हैं लेकिन यह इंडस्ट्री एक छत के नीचे बसा परिवार है। परंतु ऐसा लगता है कि कई बार यह सिर्फ कहने की बात होती है। बीते शुक्रवार को दो बड़ी फिल्में रिलीज हुईं और जैसी की आशंका थी, दोनों ने एक-दूसरे के बिजनेस को अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन


अहंकार की जंग में घायल होकर दोनों लहूलुहान हैं। इस बीच इंडस्ट्री में चर्चाएं हैं कि दिलवाले की टीम अपनी फिल्म और उसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बारे में बात करने से ज्यादा लोगों को यह बताने में लगी है कि बाजीराव-मस्तानी बॉक्स ऑफिस पर नाकाम साबित हुई है और उसका कलेक्शन शाहरुख-काजोल स्टारर से कहीं कम है। जबकि फिल्म समीक्षकों ने बाजीराव-मस्तानी को हर तरह से दिलवाले से बेहतर ठहराया। यही राय अधितकर दर्शकों की भी रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिलवाले की टीम ने मीडिया में कुछ सकारात्मक खबरें प्लांट करानी शुरू कर दी हैं

VHP, Bajrang Dal activists stop screening of Dilwale in Mangaluru

इधर यह भी दिखा है कि नकारात्मक समीक्षाओं की भरपाई के लिए दिलवाले की टीम ने मीडिया में कुछ सकारात्मक खबरें प्लांट करानी शुरू कर दी हैं। परंतु ट्रेड के जानकारों की मानें तो इससे अब उन्हें लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि सच्चाई दुनिया के सामने आ चुकी है। ट्रेड और इंडस्ट्री के लोग इस बात के लिए दिलवाले की टीम की भर्त्सना कर रहे हैं कि वह बाजीराव-मस्तानी को कमतर फिल्म बताते हुए कुप्रचार रहे हैं, जबकि सच इसके ठीक उलट है।

फिल्म ट्रेड में यह भी चर्चा है दिलवाले की टीम ने लंदन स्थित एक वेबसाइट को अपने साथ लेकर यह प्रचार करने की कोशिश की उसका पहले दिन का कलेक्शन पिछले दिनों रिलीज हुई एक फैमिली एंटरटेनर से कहीं अधिक है। जबकि ऐसा कतई नहीं है।

ट्रेड के जानकारों के मुताबिक शुक्रवार-शनिवार को दिलवाले क्रमशः 18 और 17 करोड़ रुपये से कुछ अधिक कमा सकी थी। हालांकि दिलवाले की टीम का कहना है फिल्म का कलेक्शन ज्यादा था। वैसे फिल्म रविवार को 20 करोड़ का आंकड़ा पार करने में कामयाब हुई। इस बीच बाजीराव-मस्तानी ने शुक्रवार को धीमी शुरुआत के बाद शनिवार-रविवार को रफ्तार पकड़ी। हालांकि उसके कलेक्शन दिलवाले से कम रहे।

महंगें टिकट खरीदने वाले दर्शक बाजीराव-मस्तानी देखने पहुंचते रहे

VHP, Bajrang Dal activists stop screening of Dilwale in Mangaluru

सोमवार को दिन जानकार निर्णायक मोड़ वाला मान रहे थे और यही हुआ। सोमवार के कलेक्शन में बाजीराव-मस्तानी ने दिलवाले को पछाड़ दिया। ट्रेड विशेषज्ञों के अनुसार दिलवाले ने जहां सोमवार को देश में करीब 8.5 करोड़ रुपये जुटाए, वहीं बाजीराव-मस्तानी का कलेक्शन 9.5 करोड़ रुपये रहा। बाजी पलटने की मुख्य वजह रही दर्शकों की संख्या। दिलवाले देखने वालों की संख्या शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को 55 फीसदी तक कम हो गई। वास्तव में किसी भी औसत फिल्म को तीन दिनों बाद यह गिरावट देखनी पड़ती है और नया सप्ताहांत आने तक गिरावट अमूमन जारी रहती है।

वहीं बाजीराव-मस्तानी के दर्शक शुक्रवार के मुकाबले सोमवार को केवल 15 फीसदी कम हुए। साफ है कि दर्शकों को बांधने में यह फिल्म ज्यादा कामयाब है। खास तौर पर मल्टीप्लेक्सों के महंगें टिकट खरीदने वाले दर्शक बाजीराव-मस्तानी देखने पहुंचते रहे। इस फिल्म को हालांकि सिंगल स्क्रीन में खास फायदा नहीं मिला और वहां शाहरुख आगे हैं। दिलवाले के लिए बड़ी समस्या यह है कि मुंबई/महाराष्ट्र सर्किट में वह बाजीराव-मस्तानी के मुकाबले कमजोर पड़ गई है और यहीं फिल्मों की सबसे ज्यादा कमाई होती है।

मंगलौर में बजरंग दल और विहिप ने रोकवाया फिल्म का प्रदर्शन

VHP, Bajrang Dal activists stop screening of Dilwale in Mangaluru

असल में शाहरुख के देश में साहिष्‍णुता बढ़ने वाले बयान और महाराष्ट्र में किसानों की सहायता न करने को लेकर विहिप, बजरंग दल, मनसे समेत कई धार्मिक और राजनैतिक पार्टियां फिल्म का विरोध कर रही हैं। बीते दिन भी मंगलोर के कई सिनेमाघरों में विहिप और बजरंग दल ने दिलवाले के प्रदर्शन को रोकवा दिया।

रोहित शेट्टी ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी फिल्‍म को राजस्‍थान समेत कई प्रदेशों में जबर्दस्त विरोध का झेल रही है। राजस्‍थान में तो फिल्‍म के बैन होने जैसी स्थिति बन गई है। गिनेचुने सिनेमाघरों में दिलवाले दिखाई जा रही है।

हाालंकि जानकारों के अनुसार अगर बाजीराव-मस्तानी मजबूत बनी रही को पहले सप्ताह में दिलवाले ने करीब 20 करोड़ की जो बढ़त बनाई थी, वह सोमवार से क्रमशः कम होती जाएगी। ऐसे में संभावना बढ़ गई है कि बाजीराव-मस्तानी दिलवाले के हाथों मिली शुरुआती मात का बदला ले सके। आपसी लड़ाई में बड़े आर्थिक घाटे की तरफ बढ़ती दोनों फिल्मों के लिए राहत सिर्फ इतनी है कि कुछ जगहों पर क्रिसमस की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इसका फायदा उन्हें मिल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed