फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   veteran actor dev anand birthday special

हैप्पी बर्थडे देव साहब: जब उन्होंने डुप्लीकेट से कहा, फिल्म दिलवाओ

Sat, 26 Sep 2015 12:59 PM IST
Updated Sat, 26 Sep 2015 12:59 PM IST
विज्ञापन
veteran actor dev anand birthday special
हिंदी फिल्मों में एक दौर था जब किसी मशहूर हीरो की झलक उनके करियर ढलने के बाद भी जिंदा रहती थीं उनके डुप्लिकेट यानी हमशक्लों के जरिए। राजेश खन्ना, देव आनंद, शशि कपूर, अमिताभ बच्चन या कॉमेडियन महमूद जैसे दिग्गज सितारों के 'हमशक्ल' फिल्मों में हीरो की कॉपी करते दिख जाते थे।
विज्ञापन


26 सितंबर को देव आनंद के जन्मदिन पर हमने बात की किशोर भानूशाली से जो देव साहब के हमशक्ल हैं। उन्हीं की नकल कर वे फिल्मों में मशहूर हुए। दिल, करण अर्जुन और सबसे बडा खिलाडी जैसी फिल्मों में उनको आपने देखा होगा।

विज्ञापन


लेकिन जिन देव आनंद का नाम किशोर के नाम से हमेशा के लिए जुड गया, बचपन में किशोर ने उन्हीं देव आनंद का नाम तक नहीं सुना था। वह तो राजेश खन्ना के फैन थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं पता कौन हैं देव आनंद

veteran actor dev anand birthday special

पुराने दिनों को याद कर किशोर बताते हैं, 'जब फिल्म 'कटी पतंग' रिलीज हुई थी तब मैं पांच-छह साल का रहा होऊंगा। तब काकाजी यानी राजेश खन्ना जी का जमाना था। उस वक्त किसी ने मुझे कहा कि तुम्हारी शक्ल बिल्कुल देवानंद जी जैसी है। मैं जानता नहीं था कि देवानंद कौन हैं।'

'फिर मैंने फिल्म 'ज्वेल थीफ' और 'ये गुलिस्तां हमारा' देखी और लगा कि शक्ल तो वाकई बहुत मिलती है। उसके बाद आईने के आगे खड़ा हो गया, बटन बंद किया, एक रूमाल बांधा, गर्दन हिलाई जो आज तक हिल रही है।'

किशोर बताते हैं कि करीब 10 सालों तक उन्होंने संघर्ष किया लेकिन उन्हें कोई रोल नहीं मिलता था। हार कर उन्होंने गुजरात जाकर पारिवारिक कारोबार में लगने का फैसला किया। लेकिन तभी किस्मत ने पलटी मारी। उन्हें एक वीडियो फिल्म मिली और फिर आई रामगढ के शोले और दिल। दिल रिलीज होने के बाद 'डुप्लिकेट देव आनंद' मशहूर हो गए और खुद देव आनंद ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था।

मुझे भी कुछ फिल्में दिलवाओ

veteran actor dev anand birthday special

देव आनंद से मुलाकात को वो कुछ यूं याद करते हैं, 'दिल के रिलीज के बाद मैं उनके ऑफिस गया था। मुझे देखते ही अपने अंदाज में कहा -क्यों किशोर नाम है न ? फिर बोले- 'दिल' देखी है मैंने और मुझे ऐसा लगता है कि मुझे आपकी कॉपी करनी पडेगी। अब कितनी फिल्में हैं तुम्हारे पास?

'मैने बताया करीब 8-10 फिल्में होंगी। तो देवानंद साहब बोले कि मेरे पास दो ही फिल्में हैं, मुझे कुछ फिल्में दिलाओ। वे उस दिन बडे मजाक के मूड में थे।' किशोर ने देव आनंद के साथ काम करने की ख्वाहिश जताई थी जिस पर देव आनंद बोले थे, 'जरूर करेंगे किशोर, अपना फोन नंबर छोड जाओ। हम आपको बुलाएंगे।'

'अभिशाप है डुप्लिकेट होना'

veteran actor dev anand birthday special
'डुप्लिकेट' का ठप्पा लग जाने से कलाकार के करियर पर कितना असर पडता है? सवाल पूछते ही किशोर तपाक से बोलते हैं, 'अच्छा सवाल है। ये बॉलीवुड में ही होता है कि अगर आपने शराबी का रोल कर लिया तो आपको जिंदगी भर शराबी का रोल ही करना पडेगा, अब डुप्लिकेट शब्द श्राप जैसा लगता है। मुझे तकलीफ होती है क्योंकि मैं अच्छा एक्टर हूं लेकिन रोल वही मिलते हैं देवानंद वाले, लोग आपको उससे ऊपर आने ही नहीं देते।'


किशोर कहते हैं कि जब वे जॉनी लीवर या राजपाल यादव को देखते हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी ये रोल कर सकते थे। लेकिन डुप्लिकेट देव आनंद की पहचान से परे किशोर ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। वे थिएटर, स्टेज शो और गेम शो करते हैं। एक हुनर और भी इनमें। किशोर गायक भी हैं और तीन आवाजों में गाते हैं- किशोर, मुकेश और रफी। पूरा इंटरव्यू सुनने को यहां क्लिक करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed