सनी लियोनी के 'मस्तीजादे' से निकाल दी जाएगी सारी 'मस्ती'
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सनी लियोनी का करिअर बॉलीवुड में रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। वह अपनी पोर्न इमेज से ऊपर नहीं उठ सकी हैं। उनकी एडल्ट कॉमेडी मस्तीजादे सेंसर के तीन चरणों में प्रमाणपत्र पाने में नाकाम रही। कहा जा रहा है कि इस पर अब कैंची चलेगी। ऐसे में फिल्म से जब सारी मस्ती निकल जाएगी तो बचेगा क्या...?
पोर्न स्टार से बॉलीवुड अभिनेत्री बनीं सनी लियोनी की एडल्ट कॉमेडी फिल्म मस्तीजादे अपने मूल रूप में रिलीज नहीं हो सकेगी। लेखक-निर्देशक मिलाप जवेरी की इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पहले ही प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया था और रिवाइजिंग कमेटी के बाद अपीलीय ट्रिब्यूनल ने भी इसे सिनेमाघरों में प्रदर्शन के योग्य नहीं माना है।
इससे साफ हो गया है कि अगर निर्माता-निर्देशक फिल्म में परोसी जाने वाली अश्लील बातों पर कैंची नहीं चलाते तो मस्तीजादे को डिब्बे में ही बंद रहना पड़ेगा। वैसे अगर उन्हें फिल्म पर भरोसा है तो अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। फिल्म के निर्माता प्रीतिश नंदी हैं और इसमें सनी के साथ तुषार कपूर और वीर दास ने भी अभिनय किया है। रितेश देशमुख मेहमान भूमिका में नजर आएंगे।
फिल्म में है ‘अत्यधिक अश्लीलता’
सूत्रों के अनुसार करीब महीने भर पहले सेंसर बोर्ड ने मस्तीजादे में दिखाई गई सनी की मस्तियों को फिल्म दर्शकों के लिए सही नहीं माना था। ऐसे निर्माता फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास ले गए। वहां भी फिल्म खारिज हो गई। तब वह इसे फिल्म सेर्टिफिकेशन अपीलीय ट्रिब्यूनल (एफसीएटी) में ले गए। ट्रिब्यूनल ने भी अपने फैसले में कहा कि यह फिल्म ‘अत्यधिक अश्लीलता’ की वजह से दर्शकों के द्वारा देखे जाने के काबिल नहीं है।
सूत्रों की मानें तो ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा है, ‘फिल्म रह-रह कर केवल स्त्री-पुरुष अंगों की ही बातें संकेतों और दोहरे अर्थों में करती है। इसका दर्शकों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए हमें इसे रोकना होगा। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का यह मतलब नहीं कि फिल्मों से जुड़े दिग्गज कमतर और अश्लील बातें फैला कर मोटा पैसा बनाएं।’ साफ है कि फिल्म में दोहरे अर्थों वाले संवादों और दृश्यों की भरमार है।
मस्तीजादे में सनी लियोनी पहली बार डबल रोल में हैं
आमतौर पर ट्रिब्यूनल द्वारा फिल्म खारिज होने के बाद निर्माता अदालत में जाते हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रीतिश नंदी हाई कोर्ट में जाने के बजाय टेबल पर ही मस्तीजादे की काट-छांट के मूड में हैं। जबकि फिल्म से जुड़े लोगों का दावा है कि निर्माता के इस फैसले से मिलाप जवेरी नाखुश हैं। उन्हें लगता है मस्तीजादे से सारी मस्तियां निकाल देने के बाद यह देखने लायक फिल्म नहीं रह जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मस्तीजादे में सनी लियोनी पहली बार डबल रोल में हैं। वह जुड़वां बहनों लैला और लिली लेले बनी हैं। पिछले साल फिल्म का 30 सेकेंड का टीचर रिलीज हुआ था, जिसमें सनी बेहद कम कपड़ों में दोहरे अर्थ वाला अश्लील संवाद कहती नजर आई थीं। यह फिल्म इस साल एक मई को रिलीज होनी थी, परंतु सेंसर में अटकने के बाद मुश्किल में फंस गई।
यह पहला मौका नहीं है कि किसी फिल्म को अश्लीलता की वजह से रिलीज होने से रोका जा रहा है। 1996 में दीपा मेहता की फायर को समलैंगिक दृश्यों की वजह से मुश्किलें पेश आई थीं। जबकि इस साल फिल्म अनफ्रीडम को लेस्बियन संबंधों की वजह से प्रतिबंधित कर दिया गया।