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लिएंडर से ही जानिए क्यों आए वह फिल्मों में

Sat, 05 Jan 2013 10:53 AM IST
रोहित मिश्र
रोहित मिश्र Updated Sat, 05 Jan 2013 10:53 AM IST
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So the Leander in films

टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे हैं। इसके पहले भी कई खिलाड़ी फिल्मों का रुख करते रहे हैं। अपनी पहली फिल्म 'राजधानी एक्सप्रेस' का प्रमोशन करने आए देश की राजधानी आए लिएंडर पेस ने अमर उजाला के साथ बात की। उन्होंने बताया कि वह क्यों फिल्म इंडस्ट्री में आए हैं और कब तक रहेंगे। अपने इस बदलाव की कहानी खुद बता रहे हैं लिएंडर पेसः

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मेरे अंदर अभिनय करने का एक जुनून था। मेरे दोस्त मुझसे कहा करते थे कि तुम्हारा चेहरा-मोहरा हिंदी फिल्म के हीरो जैसा लगता है। तुम सोचते भी वैसा ही हो। 1998 में मुझे पहली बार ऐक्टिंग करने का मौका मिला। उस समय मेरा टेनिस कॅरियर अलग मुकाम पर था। मैने इस प्रस्ताव को मना कर दिया। मुझे लगा कि इससे मेरा खेल प्रभावित होगा। लेकिन जब मुझे दोबारा 'राजधानी एक्सप्रेस' ऑफर हुई तो मैने महसूस किया कि फिल्मी पारी शुरू करने का यह बेहतरीन समय है। 'राजधानी एक्सप्रेस' में जिस किशन नाम के किरदार को मैं निभा रहा हूं वह दरअसल मेरे दिल से जुड़ा हुआ है।
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 फिल्मों में काम करने से पहले मुझे लगा कि मुझे अभिनय की बेसिक पता होनी चाहिए। मुझे ऐसा अभिनय सीखना था जो अभिनय होते हुए भी स्वाभाविक लगे। मैने इस फिल्म को करने के लिए अनुपम खेर का ऐक्टिंग स्कूल ज्वाइन किया। अनुपम खेर से मैं पहले से परिचित था। मैने वहां अभिनय की एबीसीडी एक बच्चे की तरह सीखी। मैने अनुपम सर से यह कह रखा था कि सिखाते वक्त उनके दिमाग में यह बात न रहे कि वह एक टेनिस स्टार को सिखा रहे हैं। वह यह सोचकर सिखाएं कि वह अपने स्कूल के सबसे नए बच्चे को सिखा रहे हैं। बाद में हुआ भी। यह अनुभव भी मेरे लिए बहुत मजेदार रहा।
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अभिनय का ककहरा सीखने के बाद मैने 'राजधानी एक्सप्रेस' की शूटिंग शुरू की। स्कूल में पढ़ाए हुए कई सारे सबक मुझे याद आ रहे थे। लेकिन अभिनय की कई बारीकियां मैने फिल्म करते-करते भी सीखीं। 'राजधानी एक्सप्रेस' के निर्देशक अशोक कोहली मुझे समझाने के अंदाज में गाइड करते। जहां पर मैं चूक करता वह तसल्ली के साथ यह बात बताते कि मुझे करना क्या है और मैं गलती क्या कर रहा हूं। इस मामले में मुझे अपने साथियों का भी बहुत सहयोग मिला। खासकर जिम्मी शेरगिल का। जिम्मी शेरगिल के अलावा मुकेश ऋषि और गुलशन ग्रोवर भी मुझे गाइड करते रहे। कोहली साहब हमेशा कहते कि यह लिएंडर यह मत सोचे की तुम अभिनय कर रहे हो। जो कुछ है बिल्कुल रियल होके करो।

मैं फिल्म इंडस्ट्री में अचानक ही नहीं आ गया। मैं पूरी तैयारी के साथ यहां आया हूं। मेरी पहली फिल्म यदि हिट होती है तो वह मुझमें आत्मविश्वास बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं है कि यदि यह फिल्म पिट जाए तो मैं इंडस्ट्री से भाग खड़ा हूंगा। इस फिल्म के अलावा मेरी तीन और हिंदी फिल्में फ्लोर पर हैं। इसी बीच मैं एक हॉलीवुड की फिल्म भी कर रहा हूं। यह सारी फिल्में अलग-अलग तरह की हैँ। इन फिल्मों के बाद मैं सुकून से अपने को जज करुंगा कि मैं कितना सफल रहा।


फिल्मों की वजह से टेनिस में कभी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। टेनिस मेरा पहला प्यार है। फिल्म की शूटिंग करने के लिए मैं अलग से समय निकालूंगा। ऐसा नहीं है कि मैं खेल के समय पर फिल्में करुं। जितनी प्रैक्टिस खेल के लिए जरूरी होगी उतनी मैं करता रहूंगा। मुझे उम्मीद है कि खेल और फिल्म में मैं संतुलन बनाने में सफल रहूंगा।

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