'फिल्मों में छड़ी के बल पर काम कराते थे शशि कपूर'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने मुंबई के पृथ्वी थिएटर में शशि कपूर को दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजा।
इस मौक़े पर अभिनेता और शशि कपूर के भतीजे ऋषि कपूर ने कहा कि 'उनके साथ मैंने चार फिल्में कीं और वो मानो छड़ी लेकर हमसे काम करवाते थे'।
वहीं शशि कपूर के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके अमिताभ बच्चन ने कहा कि 'वो मेरे सबसे ज्यादा खयाल रखने वाले और दरियादिल दोस्त और इंसान हैं'।
अमिताभ ने कहा कि उन्होंने पृथ्वी थिएटर की स्थापना कर अपने पिता पृथ्वीराज कपूर और पत्नी जेनिफर का सपना पूरा किया।
अमिताभ, शर्मिला, शबाना ने बताई मन की बात
इस मौके पर शशि कपूर के जीवन और करियर एक संक्षिप्त डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई जिसमें आवाज उनके पोते और अभिनेता रणबीर कपूर ने दी थी।
इस डॉक्यूमेंट्री में अमिताभ बच्चन, शर्मिला टैगोर और शबाना आजमी शशि कपूर के साथ अपने अनुभवों को साझा किया।
शशि कपूर ने हिंदी के अलावा कई ब्रितानी और अमरीकी फिल्मों में भी काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में शर्मीली़, दीवार, कभी-कभी और जब जब फूल खिले शामिल हैं।
तीसरा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार
भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए 77 साल के शशि कपूर को 62वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दादा साहेब फालके अवॉर्ड से नवाज़ा गया था।
लेकिन ख़राब सेहत के कारण शशि कपूर अवॉर्ड लेने दिल्ली नहीं जा पाए। इसीलिए सूचना और प्रसारण मंत्री उन्हें ये पुरस्कार देने रविवार को मुंबई गए।
शशि कपूर यह पुरस्कार पाने वाले कपूर ख़ानदान के तीसरे सदस्य हैं। उनके पिता पृथ्वीराज कपूर को 1971 में और बड़े भाई राज कपूर को 1987 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।