असहिष्णुता वाले बयान पर शाहरुख ने मांगी माफी
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अभिनेता शाहरुख खान ने देश में असहिष्णुता बढ़ने वाले अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया। उन्होंने ये बयान अगली पीढ़ी को ध्यान में रखकर दिया था। वर्तमान में देश में कोई समस्या नहीं है। फिर भी उनके बयान से अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वो माफी मांगते हैं।
देश में असहिष्णुता के मुद्दे पर पिछले कुछ दिनों से लागातार बहस जारी है। कुछ दिनों से साहित्यकार और बुद्धिजीवी अपने अवार्ड वापस कर रहे हैं। इसी पर पिछले दिनों शाहरुख ने भी बयान दिया था, जिसके बाद उनपर जबर्दस्त हमले हुए थे। इस बाबत शाहरुख ने सफाई दी है। एबीवी न्यूज पर एक कार्यक्रम में शाहरुख ने ये बाते कही हैं।
शाहरुख ने कहा कि कुछ लोग तो कह देगें कि फिल्म रिलीज हो रही है, इसलिए ये कह रहा है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्हें लगता है कि देश में सब ठीक है। तो वो कह रहे हैं, कि सब ठीक है। शाहरुख ने कहा कि वो भारतीय होने पर गर्व करते हैं। वो अपने देश से प्यार करते हैं।
तब शाहरुख की भाषा को बताया गया था सईद जैसा
शाहरुख खान ने पिछले दिनों साहित्यकारों के अवार्ड वापसी के दौरान कहा था, कि देश में माहौल खराब है। हम एक-दूसरे को बर्दाश्त नहीं कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद उनपर जबर्दस्त हमले किए गए थे। खासतौर से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उनपर कड़े बयान दिए थे।
भाजपा सांसद आदित्यनाथ ने शाहरुख और पाक के हाफिज सईद की भाषा को एक जैसा बताया था। कई नेताओं ने शाहरुख के बयान को देश के लिए शर्मनाक बताया था। इस पर शाहरुख ने पहली बार इस तरह से खुलकर बोला है।
शाहरुख का कहना है, वो चाहते हैं कि हमारी युवा पीढ़ी लिंग, जाति, धर्म के आधार पर फैसलें ना लें। युवा पीढ़ी इससे ऊपर जाकर सोचे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके बयान को पेश किया गया। वो बोलने से डरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वो आगे से सिर्फ फिल्मों तक ही अपनी बात तो सीमित रखेंगे।