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प्रयोगवादी शख्सियत थे किशोर दा

Sat, 13 Oct 2012 12:11 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 13 Oct 2012 12:11 PM IST
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kishore da an experimental personality

बॉलीवुड में अकसर नए प्रयोग करने वाले किशोर दा की आज 25वीं पुण्यतिथि है। बॉलीवुड में बहुत कम हस्तियां ऐसी होंगी जिन्हें हर क्षेत्र में महारत हासिल हो, ऐसी ही एक शख्सियत थे किशोर कुमार। किशोर कुमार एक बेहतरीन अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन गायक भी थे। इसके अलावा किशोर कुमार ने बतौर निर्माता-निर्देशक, गीतकार, स्क्रिप्ट राइटर भी भूमिका भी बखूबी निभाई। इतना ही नहीं किशोर दा ने हिंदी के अलावा कई और भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बंगाली, मललायम, भोजपुरी जैसी कितनी ही भारतीय भाषाओं में पार्श्व गायन किया।

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सलाह-मशविरा करना था पसंद
25 साल बाद भी किशोर दा के सुरों की मिठास और उनकी आवाज की खनक बरकरार है। ऐसा माना जाता है कि किशोर दा को नई चीजों पर काम करने में बेहद सुकून मिलता था। ना सिर्फ संजीदा अभिनय बल्कि बतौर कॉमेडियन भी किशोर दा ने परदे पर अपनी अलग पहचान बना ली थी। बेशक वे नए प्रयोग किया करते थे लेकिन नए लोगों और अपने सह-कलाकारों से सलाह लेने में कोई गुरज नहीं समझते थे। यहीं कारण था कि उनकी फिल्म 'पडोसन' में महमूद ने उनके किरदार में निखार लाने में खूब मदद की थी।
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जीवन और कॅरियर
किशोर कुमार का शुरूआती नाम अभास कुमार गांगुली था। इनका जन्म बंगाली परिवार में हुआ था। बतौर पार्श्व गायक किशोर दा ने पहली बार 1948 में फिल्म 'जिद्दी' के लिए गाया और बतौर अभिनेता 1951 में 'आंदोलन' में काम किया। किशोर दा शुरूआत से ही बतौर गायक अपनी पहचान बनाना चाहते थे। बड़े भाई का बॉलीवुड में रूतबा होने के कारण उन्हें कोई बॉलीवुड की दुनिया में कोई खास स्ट्रगल करना नहीं पड़ा।
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पुरस्कार
किशोर दा को उनके योगदान के लिए खूब पुरस्कार मिले। दिलचस्प बात ये है कि बतौर पार्श्व गायक उन्हें कई फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजा गया। शायद कम लोग ही जानते हो उनके नाम से किशोर कुमार पुरस्कार भी दिए जाते थे, ऐसा मध्यप्रदेश की सरकार ने किया था क्योंकि इनका जन्म मध्यप्रदेश में हुआ था।

बतौर पार्श्व गायक अवार्ड
किशोर दा को बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट एसोसिएशन अवार्ड के तहत 1971 अराधना, 1972 अंदाज, 1973 हरे कृष्णा हरे रामा, 1975 कोरा कागज के लिए बेस्ट प्ले बैक सिंगर अवार्ड्स दिए गए।

फिल्म फेयर अवार्ड
किशोर दा को आठ फिल्मों के लिए बतौर पार्श्व गायक फिल्मफेयर अवार्ड दिए गए। ये फिल्में थीं-
1969 गाना 'रूप तेरा मस्ताना फिल्म' 'अराधना'
1975  गाना 'दिल ऐसा किसी ने मेरा' फिल्म 'अमानुष'
1978 गाना 'खइके पान बना रसवाला' फिल्म 'डॉन'
1980 गाना 'हजार राहें मुड़के देखें' फिल्म 'थोड़ी सी बेवफाई'
1982 गाना 'पग धूंधरू बांध के मीरा नाची' फिल्म 'नमक हलाल'
1983 गाना 'हमें और जीने की' फिल्म 'अगर तुम ना होते'
1984 गाना 'मंजिलें अपनी जगह' फिल्म 'शराबी'
1985 गाना 'सागर किनारे' फिल्म 'सागर'

हिट फिल्में
किशोर कुमार ने कई हिट फिल्में देकर अपने अभिनय की अलग छाप छोड़ी। उनकी कई फिल्में हैं जिन्हें आज भी उनके बेहतीन अभिनय के लिए याद किया जाता है। वे हैं- 1954 में 'नौकरी', 1957 में'मुसाफिर', 1957 में 'आशा', 1958 में 'चलती का नाम गाड़ी'  1962 में 'हॉफ टिकट', 1968 में 'पड़ोसन',  जैसी कई और हिट फिल्में भी हैं।

बमर्न दा के साथ हिट थी जोड़ी
किशोर दा और बर्मन दा की जोड़ी हिट थी। दोनों ने मिलकर बॉलीवुड में कई नए प्रयोग किए और बॉलीवुड को ऊचांइयों तक पहुंचाने में मदद की। ऐसा माना जाता है कि बर्मन दा ने किशोर दा के कॅरियर में ना सिर्फ नई उड़ान भरी बल्कि बर्मन दा किशोर दा के बेहद करीब भी थे। किशोर दा ने बर्मन दा की कई फिल्मों के लिए गीत गाए। ये फिल्में हैं- 'मुनीम जी', 'टैक्सी ड्राइवर', 'हाउस नंबर', 'फंटूश', 'पेइंग गेस्ट', 'गाइड', 'ज्वैल थीफ', 'प्रेम पुजारी' और तेरे मेरे सपने


इन्हें दी अपनी आवाज
किशोर दा ने कई अभिनेता के लिए गीत गाए, यानी किशोर दा की आवाज ही इन अभिनेताओं के गानों की पहचान थी। अमिताभ बच्चन, धर्मेद्र, जितेंद्र, राजेश खन्ना,  देव आनंद, शशि कपूर, रणधीर कपूर, ऋषि कपूर, दिलीप कुमार, प्राण, विनोद मेहरा, संजीव कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त, सनी देओल, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, विनोद खन्ना, राकेश रोशन, कुमार गौरव, गोविंदा और चंकी पाडे जैसे कई अभिनेताओं ने उनकी आवाज पर गाने गाएं। आज किशोर दा की 25 वीं जयंती पर कई अभिनेताओं की आवाज छीन चुकी है लेकिन किशोर दा की मीठी आवाज आज भी लोगों के दिलोदिमाग पर हावी है।

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