फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Entertainment Archives ›   javed akhtar knows formula to write super flops

मुझसे पूछिए सुपर फ्लॉप फिल्मों का नुस्खाः जावेद अख्तर

Sat, 23 Mar 2013 01:39 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Sat, 23 Mar 2013 01:39 PM IST
विज्ञापन
javed akhtar knows formula to write super flops

फिल्मों की पटकथा, संवाद और गीत लेखक जावेद अख्तर का कहना है कि सुपर हिट फिल्म लिखने का कोई नुस्खा नहीं है, लेकिन वह सुपर फ्लॉप फिल्म लिखने का नुस्खा जरूर बता सकते हैं।

विज्ञापन


जावेद ने विजय अकेला की किताब 'लश्कर' का विमोचन करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि इतने समय से फिल्में करते-करते मुझे इस बात का तो अनुभव हो ही गया है कि कौन सी फिल्म के फ्लॉप होने की आशंकाएं ज्यादा होती हैं।
विज्ञापन


जावेद ने कहा, "किसी ने मुझसे पूछा था कि आपने कई सुपर हिट फिल्में लिखी हैं तो क्या इसका कोई फार्मूला होता है? मैंने जवाब दिया कि अगर मैं यह जानता तो हमेशा 'शोले' जैसी फिल्म लिखता"।
विज्ञापन
विज्ञापन


जावेद अख्तर ने कहा कि इंडस्ट्री में कोई भी व्यक्ति दावे के साथ नहीं कह सकता कि फला फिल्म हिट ही होगी। फिल्मकार अपनी तरफ से अच्छी फिल्म बनाते हैँ लेकिन उन पर फैसला दर्शकों को ही करना होता है।

संवाद लेखन को छोड़कर गीत लिखने वाले जावेद अख्तर ने कहा कि हां मैं सुपर फ्लॉप फिल्म लिखने का फामूर्ला जरूर बता सकता हूं। कोई चाहे तो यह फॉर्मूला मुझसे ले सकता है।

उन्होंने कहा, "लिखने के दो तरीके हैं, पहला यह कि आप दर्शकों की पंसद को ध्यान में रखकर लिखते हैं। दूसरा यह कि आप कोई बड़ी और गहरी बात दर्शकों को कहना चाहते हैं। दोनों ही सूरतों में फिल्म बहुत खराब होगी।

दोनों मामलों में आप ऐसे लक्ष्य पर निशाना लगाने की कोशिश कर रहे हैं जो आपने कभी देखा ही नहीं है। हर दर्शक का टेस्ट अलग तरह का होता है। हम हर दर्शक को पसंद आ जाने वाली फिल्म की रचना नहीं कर सकते।

ऐसा दूसरी स्थिति में भी होता है। यदि कोई फिल्म निर्देशक खुद को बहुत महत्वपूर्ण लगने वाली बात पर फिल्म की रचना कर बैठता है तो भी यह दर्शकों के गले नहीं उतरता।

जावेद ने 'सीता और गीता', 'शोले, 'दीवार' 'जंजीर', 'त्रिशूल' और 'डॉन' जैसी कई सुपरहिट फिल्में लिखी हैं। सलीम के साथ उनकी जोड़ी सत्तर और अस्सी के दशक की हिट पटकथा लेखकों की जोड़ी कही जाती थी।


यह पूछे जाने पर कि लेखकों को उनका हक क्यूं नहीं मिलता, जावेद ने जवाब दिया कि समाज और लोग ही लेखक को सम्मान देते हैं। लेखक का काम अच्छा लिखना होता है और समाज का काम उसकी सराहना करना और उत्साहवर्धन करना होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed